धर्म-अध्यात्म

Satayam Shivam Sundaram: महाकाल ज्योतिर्लिंग पर भस्म का क्यों किया जाता है ऋंगार? शिवलिंग पर चढ़ाएं जानें वाली अन्य सामग्रियो के बारे मेँ

Tulsi Rao
15 Sep 2021 9:09 AM GMT
Satayam Shivam Sundaram: महाकाल ज्योतिर्लिंग पर भस्म का क्यों किया जाता है ऋंगार? शिवलिंग पर चढ़ाएं जानें वाली अन्य सामग्रियो के बारे मेँ
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भक्त अपने अराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पसंद की चीजों से उनका श्रृंगार करते हैं और उन्हें अर्पित भी करते हैं. इसी क्रम में महाकाल ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार भस्म से किया जाता है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। Satayam Shivam Sundaram: 12 ज्योतिर्लिंगों में उज्जैन का महाकाल ज्योतिर्लिंग अपने में विशिष्ट स्थान रखता है. यह ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में उज्जैन शहर के शिप्रा नदी के किनारे स्थिति है जो कि शिव भक्तों के लिए अति महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है. महाकालेश्वर मंदिर की मंगला आरती विश्व में अनोखी प्रकार की आरती है. इसमें महाकाल ज्योतिर्लिंग का भस्म से अभिषेक करते हैं. यह आरती प्रति दिन ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग दो घंटे पहले) में की जाती है. इस आरती में महिलाएं घूंघट में शामिल होती है. यहां पर ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार भी भस्म से ही किया जाता है. आइये जानें ऐसा क्यों करते हैं?

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार
भक्त अपने अराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पसंद की चीजों से उनका श्रृंगार करते हैं और उन्हें अर्पित भी करते हैं. इसी क्रम में महाकाल ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार भस्म से किया जाता है. शिव पुराण की कथा के अनुसार, देवी सती के देह त्याग के बाद भगवान शिव अत्यंत दुखी हुए. इस दुःख में वे अपनी सुध-बुध खो बैठे और देवी सती का शव लेकर तांडव करने लगे.
शिव का मोह भंग करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के शव के कई टुकड़े कर दिए. सती के वियोग में भगवान शिव शंकर ने औघड़ एवं दिगंबर रूप धारण कर शमशान पर बैठ गए और अपने शरीर पर चिता की भस्म लगा ली. मान्यता है कि तभी से भस्म भी भगवान शिव का श्रृंगार बन गया और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार भस्म से किया जाने लगा.
शिवलिंग पर चढ़ाएं ये सामग्रियां
भगवान शिव को पुष्प, पंच फल, पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, चीनी, पान-सुपारी, लौंग, इलायची, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें, तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी चंदन अति प्रिय है. इसलिए भक्तों द्वारा भगवान शिव की पूजा में ये चीजें अर्पित करते हैं.


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