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COVID-19

भारत में कोरोना वैक्सीन बनने के बाद किसे मिलेगी पहली डोज?...केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब

Janta se Rishta
16 Aug 2020 7:46 AM GMT
भारत में कोरोना वैक्सीन बनने के बाद किसे मिलेगी पहली डोज?...केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब
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दुनिया में महामारी संकट के बीच देश के वैज्ञानिक कोरोना की वैक्सीन को तैयार करने में मेहनत से जुटे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 15 अगस्त को लाल किले से बताया कि देश में कोरोना की एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। इस कारण देश के लोगों में जल्द ही कोराना की वैक्सीन आने की उम्मीद जग गई है। इस बीच, लोगों में इस बात को लेकर भी उत्सुकता है कि आखिर कोरोना की वैक्सीन बनने के बाद इसकी सबसे पहली डोज किसे दी जाएगी।

इसको लेकर देश के केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि भारत में कोरोना की वैक्सीन बनने के बाद इसे पहले उन कोरोना योद्धाओं को दिया जाएगा, जो देश को महामारी संकट के दौर में मदद करने में जुटे हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने के लिए वैज्ञानिक कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अगर उनकी कोशिशें सफल रहती हैं तो देश को कोरोना वैक्सीन मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि देश के कोरोना योद्ध, वैक्सीन का डोज़ पाने वाले पहले व्यक्ति होंगे।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक वैक्सीन पर बहुत मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि COVID-19 के खिलाफ तीन टीके परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं और अगर हम एक वैक्सीन प्राप्त करने में सफल होते हैं तो हमारे कोरोना योद्धा इसका डोज़ प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति होंगे।

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि देश में फिलहाल एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब वैज्ञानिक हमें हरी झंडी देंगे तो इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा और इसके लिए पूरी तैयारी की गई है। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि हमारे पीएम ने यह बताया है कि यह सरकार कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

पीएम मोदी ने कोरोना की जिन तीन वैक्सीन की चर्चा की, उनके बारे में जानिए

कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मनाए जा रहे 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से सातवीं बार देशवासियों को संबोधित किया। इस कोरोना संकट के बीच माना जा रहा था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी वैक्सीन को लेकर जरूर कोई बड़ा एलान कर सकते हैं और ऐसा हुआ भी। उन्होंने देश में बन रही वैक्सीन को लेकर स्थिति स्पष्ट की। पीएम ने कहा कि आज भारत में कोराना की तीन-तीन वैक्सीन पर तेजी से काम हो रहा है। रूस ने भले ही कोरोना की पहली वैक्सीन बनाने का दावा किया है, लेकिन उसकी वैक्सीन स्पुतनिक-वी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इधर, भारत में बन रही वैक्सीन प्रभावी और सुरक्षित बताई जा रही है। आइए जानते हैं, पीएम मोदी ने किन तीन वैक्सीन की चर्चा की और उसकी अपडेट स्थिति क्या है:

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘‘कोरोना की वैक्सीन कब तैयार होगी, यह बड़ा सवाल है। देश के हमारे वैज्ञानिक ऋषि-मुनियों की तरह जुटे हुए हैं और कड़ी मेहनत कर रहे हैं। भारत में एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन वैक्सीन टेस्टिंग के अलग-अलग चरण में हैं। जब वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी तो बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। इसकी पूरी तैयारी है। हर भारतीय तक वैक्सीन कम से कम समय में कैसे पहुंचे, इसका खाका भी तैयार है।’’

आपको बता दें कि देश में कोरोना की तीन वैक्सीन को लेकर अच्छी प्रगति दिख रही है। इस समय तीनों वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के अलग-अलग चरण में हैं।

वैक्सीन कौन बना रहा
कोवैक्सिन (Covaxin) भारत बायोटेक और आईसीएमआर
जायकोव-डी(ZyCoV-D) जायडस कैडिला
कोविशील्ड (AZD 1222) सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका
आइए जानते हैं इन तीनों वैक्सीन पर क्या अपडेट जानकारी है:

कोवैक्सीन (Covaxin):

इस वैक्सीन को आईसीएमआर के सहयोग से भारत बायोटेक कंपनी विकसित कर रही है। बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल पूरा हो गया है और अब दूसरे चरण के ट्रायल की तैयारी चल रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कुल 12 केंद्रों पर वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, जिसमें से 11 केंद्रों पर पहले चरण का ट्रायल लगभग पूरा हो गया है। अबतक पहले चरण के ट्रायल के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं, लेकिन यह जल्द प्रकाशित होगा। माना जा रहा है कि दूसरे चरण का ट्रायल सितंबर में हो सकता है, जिसके लिए वॉलंटियर्स (स्वयंसेवकों) की पहचान की जा रही है।

जायकोव-डी(ZyCoV-D):

अहमदाबाद की फार्मा कंपनी जायडस कैडिला की वैक्सीन का दूसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल ने बताया था कि पहले चरण में वैक्सीन सुरक्षित पाई गई। जिन्हें यह वैक्सीन दी गई, सात दिनों तक डॉक्टरों की टीम द्वारा उनकी निगरानी की गई थी। वॉलेंटियर्स में कोई भी साइडइफेक्ट देखने को नहीं मिला था। विशेषज्ञों ने वैक्सीन को सुरक्षित बताया है।

कोविशील्ड (AZD 1222):

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित की गई इस वैक्सीन का उत्पादन भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है। भारत में फिलहाल इसका दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। कंपनी भारत में इसे कोविशील्ड नाम से लॉन्च करने जा रही है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी(Gavi) के साथ बड़ी साझेदारी के तहत भारत और निम्न आय वाले देशों के लिए वैक्सीन की 100 मिलियन यानी 10 करोड़ खुराक के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। खबरों के मुताबिक नवंबर-दिसंबर तक वैक्सीन आने की संभावना है।

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