साप्ताहिक त्योहार 4 मई से 10 मई : जानिए इस सप्ताह के प्रमुख व्रत-त्योहार | जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क।  इस सप्ताह की शुरुआत वैशाख महीने के शुक्लपक्ष की द्वादशी तिथि से हुई है। इस सप्ताह में प्रदोष व्रत, नरसिंह चतुर्दशी, वैशाख पूर्णिमा और संकष्टी चतुर्थी जैसे महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार हैं। आइए, आज जानते हैं, इस सप्ताह के प्रमुख व्रत-त्योहार की लिस्ट….

5  मई, मंगलवार (वैशाख शुक्ल त्रयोदशी) 
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत के दिन शिव जी के साथ माता पार्वती की भी पूजा होती है। इस व्रत को करने से भगवान शिव और माता पार्वती प्रसन्न होकर आपकी सारी इच्छाओं को पूरा करते हैं। इस दिन श्रद्धा पूर्वक व्रत करने से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है। इस दिन विधि-विधान से व्रत करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। भगवान आपको मनोवांछित फल देते हैं। 

6  मई, बुधवार  (वैशाख शुक्ल चतुर्दशी) 
देवी छिन्नमस्ता पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन दिन देवी छिन्नमस्ता की पूजा का विधान है।

नरसिंह जयंती
 हिन्दू पंचांग के अनुसार नरसिंह जयंती का व्रत वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है।

7  मई, गुरुवार (वैशाख पूर्णिमा) 
इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
वैशाख मास की पूर्णिमा को वैशाखी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार वैशाख पूर्णिमा सभी में श्रेष्ठ मानी गई है। इसे बुद्ध पूर्णिमा (बुद्ध जयंती) के नाम से भी जाना जाता है। बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है। 

8 मई, शुक्रवार (नारद जयंती)
नारद जयंती ‘देवऋषि नारद मुनि’ के जन्म दिवस के रूप में वैशाख कृष्ण प्रतिपदा के दिन मनाई जाती है। इस साल नारद जयंती 8 मई को है।

10  मई, रविवार (संकष्टी चतुर्थी)
संकष्टी चतुर्थी को संकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक रूप से यह तिथि बेहद महत्वपूर्ण है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। सकट चतुर्थी का पर्व गणेश भगवान को समर्पित है।