अमेरिका के कई शहरों में हिंसा…वाइट हाउस बंद…तीन पुलिस अधिकारी घायल

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। वाशिंगटन। अमेरिका के मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में एक अश्वेत की मौत के बाद से भड़की हिंसा के कारण वाशिंगटन में वाइट हाउस को बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जॉर्ज फ्लॉयर्ड के मौत के विरोध में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने वाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया जिसके बाद यहां लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित करते हुए बड़ी संख्या में सीक्रेट सर्विस एजेंट्स और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है।

अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का वीडियो वायरल होने के बाद से ही अमेरिका के कई शहरों में शुक्रवार से हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी है। इनमें से कुछ प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई। फिनिक्स, डेनवर, लास वेगास, लॉस एंजिलिस और कई अन्य शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर थे जिनपर लिखा था कि उसने कहां, मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं। जॉर्ज के लिए न्याय। उन्होंने नारे लगाए, ‘न्याय नहीं, शांति नहीं’ और कहा, ‘उसका नाम पुकारो। जॉर्ज फ्लॉयड।’

अटलांटा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद कुछ प्रदर्शनकारी अचानक हिंसक हो गए और पुलिस की कार तोड़ने लगे। उन्होंने एक कार को आग लगा दी। लोगों ने सीएनएन मुख्यालय में प्रतीकात्मक लोगो के चिह्न को स्प्रे से पेंट कर दिया और एक रेस्टोरेंट में घुस गए। उपद्रवियों ने अधिकारियों पर बोतलें फेकी और नौकरी छोड़ने को लेकर नारेबाजी की।

अटलांटा पुलिस के प्रवक्ता कार्लोस कैम्पोस ने ईमेल के जरिए दिए बयान में कहा कि इस हिंसा में तीन अधिकारियों को चोट पहुंची और कई लोगों की गिरफ्तारी हुई। कैम्पोस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर बी बी बंदूक (एयर गन) से गोली दागी और उनपर पत्थर, बोतलें और चाकू फेंके। प्रदर्शनकारियों ने पीछे हटने के पुलिस के अनुरोध की अनदेखी की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने शहर के बड़े चौराहे पर जमा होकर यातायात बाधित करने की कोशिश की।

मेयर कीशा लांस बॉटम्स ने संवाददाता सम्मेलन में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन नहीं है। यह मार्टिन लूथर किंग जूनियर की भावना नहीं है। आप अपने शहर को अपमानित कर रहे हैं। आप जॉर्ज फ्लॉयड और हर उस व्यक्ति के जीवन को लज्जित कर रहे हैं जिसकी इस देश में मौत हुई है। हम इससे बेहतर हैं। हम शहर, देश के तौर पर इससे बेहतर हैं। घर जाइए, घर जाइए। हालांकि उनकी अपील के बाद भी हिंसा जारी रही।