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जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- कावंड़ियों के द्वारा खुलेआम भारत के उत्तरी राज्यों में उत्पात मचाने का संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने ​ले लिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पुलिस से कहा कि वह हंगामा करने वाले और कानून तोड़ने वाले ऐसे उत्पातियों को गिरफ्तार करे। सुप्रीम कोर्ट का ये ​निर्देश राजधानी दिल्ली के मोती नगर और यूपी के बुलंदशहर जिले में कांवड़ियों के द्वारा उत्पात मचाने के बाद आया है।निर्देश के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बुलंदशहर कांड के आरोपी 6 कांवड़ियों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुख्य आरोपी पप्पू भी शामिल है। ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने दिए हैं। बेंच की अध्यक्षता चीफ जस्टिस दीपक मिश्र कर रहे थे। उनके साथ जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी बेंच में शामिल थे।मोती नगर की घटना असल में बुधवार (8 अगस्त) को हुई थी। कांवड़ लेकर जा रहे जत्थे के एक सदस्य को कार ने छू लिया था। इसकी वजह से कथित तौर पर कांवडिए के बर्तन से जल गिर गया था। घटना के बाद भड़के कांवड़ियों ने कार को निशाना बनाया और हमला बोल दिया। ये भी पता चला कि कार सवार लोगों से कांवड़ियों ने बहस और अभद्रता भी की थी।

वायरल वीडियो में ये बात साफ दिखी कि पुलिस मौके पर मौजूद होते हुए भी मूकदर्शक बनी रही। इसके अलावा मंंगलवार (7 अगस्त) को भी यूपी के बुलंदशहर में ऐसा ही वाकया पेश आया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। वीडियो के आधार पर ही पुलिस ने एक कांवड़िए को गिरफ्तार किया है। मोती नगर की घटना के अलावा उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से भी कांवड़ियों के हंगामे की खबर आई है। उत्तराखंड सरकार ने कथित तौर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार से कांवड़ियों के पास बैट और हॉकी स्टिक जब्त करने का अनुरोध किया है।इस बीच, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा है कि यात्रा के नाम पर समाज-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शर्मा ने कहा, ‘आध्यात्मिक यात्रा के दौरान लोग भगवान की भक्ति में लीन होते हैं वे हिंसक नहीं हो सकते। फिर भी हिंसा में यदि कोई शामिल होता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’

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