नवरात्रि के दिनों में महिलाओं को नहीं करनेे चाहिए ये 5 काम | जनता से रिश्ता

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। 25 मार्च, बुधवार से नवरात्रि के शुभ दिन शुरू होने गए हैं। सकारात्मकता और ऊर्जा से भरे इन पावन 9 दिनों में देवी मां की पूजा पुरे विधि विधान और श्रद्धा से करनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा को लेकर कुछ नियम कानून बनाए गए हैं जिनका विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसे में माता की कृपा पाने के लिए महिलाओं के लिए इन दिनों कुछ खास नियम बताए गए हैं। जिनका पालन न करने पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। 

घर को खाली न छोड़े

  • सबसे पहला नियम है कि कलश स्थापना के बाद कभी भी अपने घर को खाली न छोड़े। किसी न किसी व्यक्ति को घर पर हमेेशा रहना चाहिए।

सात्विक आहार लें

  • मां के इन नौ दिनों में साफ मन से सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। इस दौरान नॉनवेज, लहसुन और प्याज का सेवन बिल्कुल न करें। 

दिन के समय नहीं सोना चाहिए

  • विष्णु पुराण के अनुसार नवरात्रि व्रत रखने वाले व्यक्ति को दिन के समय बिल्कुल नहीं सोना चाहिए। 

मासिक धर्म के दौरान मंदिर में न जाएं

  • मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को मंदिर नहीं जाना चाहिए। माना जाता है कि महिलाओं के लिए मासिक धर्म के सात दिनों तक मंदिर मेंं प्रवेश करना वर्जित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों में महिलाएं मन ही मन भगवान का ध्यान कर सकती हैं।

शारिरीक संबंध न बनाएं 

  • व्रत रखने वाले भक्तों को इस दौरान शारिरीक संबंध बनाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से व्रत का फल नहीं मिलता है। नवरात्रि के पावन दिनों में शारिरीक संबंध नहीं बनाने चाहिए।

क्या करें…

  • व्रत में कुट्टु का आटा, सिंघाडे का आटा, साबूदाना, सेंधा नमक, आलू, मेवे खा सकते हैं। 
  • तुलसी, चंदन और रूद्राक्ष की मालाओं का उपयोग माता का जप करने के लिए करें। 
  • नौ देवियों के अनुसार उन्हें भोग लगाने और पुष्प अर्पित करने से माता प्रसन्न होती है।