Carnegie Institute of Science : शेपर्ड का कहना है कि सबसे ज्यादा चांद अब शनि के पास हैं

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-चांद के मामले में हमारे सौरमंडल का विजेता अब एक दूसरा ग्रह बन गया है. शनि के इर्द गिर्द 20 और नए चांदों की खोज हुई है और इसके साथ ही उसने बृहस्पति को पीछे छोड़ दिया है.वैज्ञानिकों ने सोमवार को बताया कि शनि ग्रह के इर्द गिर्द चक्कर लगाने वाले चांदों की संख्या अब 82 हो गई है. अब तक सबसे ज्यादा 79 चांद बृहस्पति के इर्द गिर्द मंडराते देखे गए थे. कार्नेगी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के अंतरिक्षविज्ञानी स्कॉट शेपर्ड ने कहा, “यह पता लगाना बड़ा मजेदार रहा कि शनि अब वास्तव में चांद के मामले में सरताज है.” हालांकि बृहस्पति इस के बाद से खुद को सांत्वना दे सकता है कि हमारे सौरमंडल में सबसे बड़ा चांद अब भी बृहस्पति के पास ही है. बृहस्पति का गेनीमेडे चांद पृथ्वी के आकार का लगभग आधा है. इसके उलट शनि के 20 नए चांद बहुत छोटे छोटे हैं. इनमें से हरेक का व्यास करीब 5 किलोमीटर है. शेपर्ड और उनकी टीम ने हवाई के एक टेलिस्कोप का इस्तेमाल कर शनि के नए चांदों की तलाश इस साल गर्मियो में की.

शेपर्ड का कहना है कि अभी 100 और छोटे छोटे चांद शनि का चक्कर लगा रहे हैं जिनकी तलाश की जानी है. शेपर्ड के मुताबिक अंतरिक्षविज्ञानियों ने शनि का चक्कर लगाने वाले 5 किलोमीटर के व्यास वाले और बृहस्पति का चक्कर लगाने वाले 1.6 किलोमीटर जितने छोटे चांदों का पता लगा लिया है. भविष्य में इनसे छोटे खगोलिय पिंडों के बारे में पता लगाने के लिए और बड़ी दूरबीनों की जरूरत होगी. बृहस्पति की तुलना में शनि के इर्द गिर्द छोटे चांदों का पता लगाना ज्यादा मुश्किल है क्योंकि शनि पृथ्वी से बहुत दूर है.

शेपर्ड ने यह भी बताया कि ये चांद उन चीजों के अवशेष से बने हैं जिनसे ग्रहों का निर्माण हुआ. ऐसे में इनका अध्ययन करने से ग्रहों के निर्माण के बारे में जानकारी मिलेगी. पिछले साल शेपर्ड ने बृहस्पति के चारों ओर 12 चांदों की तलाश की थी. कार्नेगी इंस्टीट्यूशन ने तो उन चांदों के लिए बकायदा नाम रखने की प्रतियोगिता भी चलाई थी.