रिसर्च: वैज्ञानिकों को मिली दुर्लभ फोटो…पता चला कैसे उत्पन होते हैं ग्रह | जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अंतरिक्ष में बहुत सी घटनाएं कभी-कभी ही होती हैं. ऐसी घटनाओं को पकड़ने के लिए वैज्ञानिकों को लगातार अंतरिक्ष पर नजर रखनी पड़ती है. इसके लिए वे पृथ्वी पर स्थापित बहुत से टेलीस्कोप से मिली तस्वीरों और उनके आंकड़ों की मदद लेते हैं जो तस्वीरों के साथ-साथ लगातार अंतरिक्ष से आने वाली किरणों का डेटा के रूप में हिसाब रखते हैं. इन्हीं तस्वीरों में से वैज्ञानिकों ने एक और दुर्लभ घटना का पता लगाया है. उन्होंने एक ग्रह के पैदा होने की घटना का पता लगाया है.

कहां से देखी यह घटना
इस दुर्लभ घटना का अवलोकन शोधकर्ताओं ने यूरोपियन साउदर्न ऑबजर्वेटिरी के विशालकाय टेलीस्कोप (ESO’s VLT) की तस्वीरों से किया है. इन तस्वीरों से खगोलविदों को एक तारे के सिस्टम के पैदा होने की घटना की पूरी जानकारी मिली है. इस युवा तारे का नाम एबी ऑरिगे (star AB Aurigae) है.

क्या दिखा खगोलविदों को

इसके आसपास धूल और बादलों की एक घनी डिस्क दिखी है. इस डिस्क में खगोलविदों ने नए ग्रह के निर्माण के संकेत देखे हैं. उनके मुताबिक इस डिस्क के पास कुछ स्पष्ट सर्पिल (Spiral) आकार के चिन्ह दिखे हैं जिनमें घुमाव दिखाई दे रहे हैं जो नए ग्रह के निर्माण के समय होते हैं. यह किसी ग्रह के अस्तित्व आने के सीधे सबसे पहले प्रमाण हो सकते हैं.

खगोलविदों को मिली दुर्लभ तस्वीरें, पता चला कैसे पैदा होते हैं ग्रह

कई ग्रह तो खोजे गए लेकिन…
इस शोध की अगुआई करने वाले पेरिस स्थित पीएसएल यूनिवर्सटी के एंथोनी बोकालेटी का कहना है कि ब्रह्माण्ड में हजारों बाह्यग्रह अब तक देखे गए हैं, लेकिन फिर भी उनकी निर्माण प्रक्रिया के बारे में बहुत कम जानकारी है. खगोलविद जानते हैं कि ग्रह  AB Aurigae जैसे युवा तारों के पास धूल वाली डिस्क से पैदा होते हैं. वे तब बनना शुरू होते हैं जब ठंडी गैस और धूल एक साथ मिलते हैं.

अभी तक नहीं मिल सकीं थी इतनी साफ तस्वीरें
VLT के ये अवलोकन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स में प्रकाशित हुए हैं. इससे वैज्ञानिकों को यह प्रक्रिया बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी. बोकालेटी का कहना है, “हमें उन्हें ग्रहों के पैदा होने के क्षणों के देखने के लिए ऐसे नए सिस्टम के अवलोकन करने की जरूरत है.“ लेकिन जब तक खगोलविद इस घटना की स्पष्ट तस्वीरें नहीं  ले पाए थे जिसमें, किसी युवा डिस्क में किन्हीं घुमावों के चिन्ह दिखाई दिए हों जिससे ग्रह के पैदा होने के संकेत मिले हों.

कहां बन रहा है यह नया ग्रह
जैसे ग्रह केंद्रीय तारे का चक्कर लगाना शुरू करता है, तरंगें सर्पिल आकार लेना शुरू कर कर देती हैं. नए AB Aurigae की ताजा तस्वीर में तारे के केंद्र के पास चमकदार पीला घुमाव क्षेत्र उतनी ही दूरी पर है जितना हमारे सूर्य से नेप्च्यून है. इसी क्षेत्र में नया ग्रह बन रहा है. यह तारा 520 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है.

पहले भी हुआ था इस तारे का अवलोकन
इसी सिस्टम का अवलोकन कुछ साल पहले चिली आटाकामा लार्ज मिलीमीटर ऐरे (ALMA) ने किया था. तब उस अवलोकन से ग्रह बनने की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिले थे. उन तस्वीरों में भी वैज्ञानिकों ने तारे के पास डिस्क में गैस की दो सर्पिल भुजाओं को देखा था.

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पिछले दो सालों में मिली स्पष्ट तस्वीरें
इसके बाद साल 2019 और साल 2020 मं बोकालेटी की टीम ने इस तारे की SPHERE उपकरण से तस्वीरें लीं जो अब तक ली गईं इस सिस्टम की सबसे स्पष्ट तस्वीरें हैं. इन तस्वीरों ने खगोलविद डिस्क में से धूल के कणों और उत्सर्जन निकलने वाली हलके प्रकाश की भी देखने में सफल हुए. इससे उन हिस्सों के होने की भी पुष्टि हो सकी जिनसे ग्रह की उत्पत्ति के संकेत मिलते हैं.

शोधकर्ताओ के मुताबिक इस घुमाव में दो सर्पिल दिखाई दे रहे हैं जो ग्रह के स्थान पर जाकर मिलते दिख रहे हैं. यही ग्रह के बनने की शुरुआत है. यहां गैस और धूल जमा होने लगेगी है और ग्रह का आकार बढ़ने लगेगा. शोधकर्ता अब अपना अध्ययन इस बात पर केंद्रित रखेंगे कि आगे इस ग्रह का निर्माण कैसे होता है.