Research: बिगबैंग के बाद ही बनी Galaxy की Disk का पता चला, अब बदलेगा वैज्ञानिकों का मत | जनता से रिश्ता

file pic

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। हमारा ब्रह्माण्ड (Universe) करोड़ों गैलेक्सी से बना है. जो खुद तारे गैस धूल डार्क मैटर आदि से बनीं हैं. ब्रह्माण्ड को समझने के लिए यह बहुत जरूरी है कि हमें पता चले के गैलेक्सी कैसे बनती है और वे आज के स्वरूप में कैसे पहुंचीं. इसमें सबसे अहम कड़ी है गैलेक्सी में डिस्क स्वरूपों (Disk structures) का सबसे पहले दिखाई देना. ताजा शोध ने इसी मामले में अहम खोज की है.

क्या पाया गया शोध में
इस शोध में एक विशालकाय घूमने वाली डिस्क (Disk) का पता चला है जो अपनी गैलेक्सी में बिगबैंग (Big Bang) के 1.5 अरब साल बाद बनी थी. यह अब तक की खोजी गई सबसे पुरानी गैस डिस्क मानी जा रही है. शोधकर्ता नीलेमैन और उनके साथियों का यह शोध नेचर में प्रकाशित हुआ है. यह शोध गैलेक्सी निर्माण प्रक्रिया की एक पुरानी धारणा को बदलने के संकेत दे रहा है.

कैसे होता था पहले गैलेक्सी का निर्माण

अब तक कॉस्मोलॉजी में यही माना जाता था कि सबसे पुराने विशाल विशालकाय पिंड गोलाकार डार्क मैटर हालोस हुआ करते थे जो अपने ही गुरुत्व के कारण सिमट कर खत्म हो गए थे. आसपास की गैस भी इन्हीं हालोस में गिर जाती थी और उससे तारे और बाद में गैलेक्सी की निर्माण होता था.

galaxy

गैस एक्रीशन की अहमियत
गैलेक्सी के निर्माण और उनके विकास में  गैस के एक्रीशन (Accretion) की अहम भूमिका होती है जिसके बाद तारे बनते हैं. इस मुद्दे पर वैज्ञानिकों में विवाद भी है. इसी प्रक्रिया के बाद ही गैलेक्सी विभिन्न आकार लेती हैं. हमारी गैलेक्सी मिल्की वे के पिंडों के स्वरूपों में इन तारों और गैस की डिस्क की ज्यादा भूमिका है. जबकि अन्य और पुरानी गैलेक्सी में ऐसा नहीं है.

एक्रीशन के दो तरीके
गैसे एक्रीशन दो तरीके से हो सकता है. एक गर्म और एक ठंडा. गर्म एक्रीशन में गर्म गैसे गैलेक्सी के केंद्र में आती है, जबकि ठंडे एक्रीशन में ठंडी गैसे. गर्म एक्रीशन के कारण डिस्क देर से बनती है क्योंकि डिस्क बनने के लिए गैसीय कणों का ठंडा होना जरूरी है. जबकि पहले से ही ठंडी एकत्रित गैसे जल्दी ही डिस्क का निर्माण कर लेती हैं.

सुदूर गैलेक्सी का अध्ययन जरूरी, पर क्यों
डिस्क पहले कब बनती हैं और कितनी ज्यादा बनती हैं, इससे गैलेक्सी के आकार लेने के प्रक्रिया के बारे में काफी कुछ पता चलता है.  इसके लिए जरूरी है कि सुदूर गैलेक्सी में डिस्क निर्माण की प्रक्रिया हमें दिखे क्योंकि वे ज्यादा पुरानी होती हैं इसकी वजह यह है कि ज्यादा दूर वाली गैलेक्सी से आने वाला प्रकाश ज्यादा समय लेता है जिसका मतलब है कि वे ज्यादा पुरानी गैलेक्सी होंगीं. इसके लिए बहुत ही ज्यादा संवेदनशील उपकरणों की जरूरत होगी. फिलहाल हमारे उपकरण और तकनीक हमें बिगबैंग के बाद के 3 अरब साल के विशालकाय गैलेक्सी की जानकारी देने में सक्षम हैं.

लेकिन इस शोध से क्या पता चला
ताजा शोध में और ज्यादा पुरानी गैलेक्सी के अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने उत्तरी चिली स्थित आल्मा (ALMA) जैसे शक्तिशाली  रेडियो टेलीस्कोप का उपयोग किया. शोधकर्ताओं ने इसकी मदद से 12.5 अरब साल पुरानी गैलेक्सी में ठंडी गैसे उत्सर्जित प्रकाश को  पकड़ा  उसके अध्ययन से उन्होंने पाया कि वहां एक तेजी से घूमने वाली डिस्क है. शोधकर्ताओं के अनुसार यह बिगबैंग के बाद किसी विशालकाय गैलेक्सी में देखी गई पहली ठंडी गैस की डिस्क है. उन्होंने पाया कि पिछले आंकड़ों की

तुलना में यह डिस्क लगभग 1.5 अरब साल ज्यादा पुरानी है. उनकी खोज पुरानी है.

क्या थी वह पुरानी धारणा
कुछ गणनाओं के अनुसार अब तक माना जाता था कि डिस्क गैलेक्सी में तब तक हावी नहीं हुआ करती थीं जब ब्रह्माण्ड की उम्र 4 से 6 अरब साल तक नहीं हो गई थी. लेकिन कई अन्य शोधों  (जिसमें यह शोध भी शामिल है) के मुताबिक ऐसी डिस्क पहले भी गैलेक्सी में अपनी अहम भूमिका निभाया करती होंगी.

अभी यह देखना बाकी है कि इस तरह की ठंडी डिस्क उसी काल की अन्य पुरानी गैलेक्सी में भी दिखाई देती हैं या नहीं. जो भी हो नीलेमैन और उनके साथियों का यह शोध वैज्ञानिकों के शोध के लिए एक नया आयाम तो दे रही रहा है.