छत्तीसगढ़

रायपुर: ड्रग माफियाओं की चांदी, इवेंट के नाम पर कमाई का नया रास्ता निकाला

Janta se Rishta
20 Sep 2020 5:58 AM GMT
रायपुर: ड्रग माफियाओं की चांदी, इवेंट के नाम पर कमाई का नया रास्ता निकाला
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रायपुर (जसेरि)। राजधानी में लगे लॉकडाउन में शनिवार और रविवार के दिन युवाओं की ऐश होने वाली हैं। राजधानी के युवाओं में अब शराब की जगह सूखे नशे और हुक्के की लत लग गई है। इसके चलते नशे की तस्करी हद से ज्यादा बढ़ गई है। राजधानी में फिर से लॉकडाउन की घोषणा की गई और इस बार पूरे प्रदेश में लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जायेगा। इसकी वजह से शनिवार और रविवार को युवा पीढ़ी वीआईपी रोड स्थित सभी होटलों और बार, रेस्टोरेंटो कैफे, और हुक्काबारों को बुक कर चुकी हैं। आज के समय में युवा पीढ़ी नशे में लिप्त हैं। युवा पीढ़ी अपने भविष्य के साथ खुद खिलवाड़ कर रही हैं। इसमें पार्टी आयोजक और होटल वालों कमाई होता देखकर कई पुराने हिस्ट्रीशीटर इस कारोबार में कूद पड़े हैं और दूसरे राज्यों के सप्लायरों के जरिए मादक पदार्थ रायपुर मंगवा रहे हैं। पुलिस ने भी मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अभियान चला रखा है। इस दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि शहर में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो अब शराब के स्थान पर हुक्का, ड्रग्स, चरस, अफीम, कफ सिरप, नशे की गोलियों और शराब का सेवन करने लगे हैं। रेवपार्टी की सूचना पर पुलिस के छापे में नशे में धुत्त मिले युवक-युवतियां।

नशे के कारोबारियों पर नियंत्रण नहीं

छुटभैया नेताओं का पूरा नियंत्रण- नशा परोसने और खपाने का काम बड़े होटलों में चल रहा है, जिसमें कई रसूखदार शेयर होल्डर है, या जिनकी छुटभैया नेताओं की पहुंच वाले लोग है, ऐसे लोगों के संरक्षण में नशे का सामान युवक-युवतियों को परोसा जा रहा है। छुटभैय्या नेताओं के कारण ही ड्रग्स माफियों का कलेजा खुलकर ड्रग्स पार्टी के लिए पूरे भारत में इकलौता रायपुर शहर है जहां ड्रग्स पार्टी के लिए किसी और के कलेजे और हौसले के जरुरत नहीं हैं। अगर लॉकडाउन लगाने के पहले आज ही शासन प्रशासन ने शनिवार और रविवार की ड्रग्स पार्टियों पर रोक लगा दिया जाता तभी ये लॉकडाउन सार्थक साबित होता। इस लॉकडाउन की पार्टी से बहुत युवा लोग कोरोना से ग्रसित ऐसे ही हो जाएंगे। रायपुर के वीआईपी रोड में ऐसे कितने हुक्काबार, रेस्टोरेंट, होटल, कैफे है जो युवाओं को पार्टी करने की अनुमति देते हैं। और आज तो काफी तादात में युवाओं का झुण्ड एक एक हुक्काबार, रेस्टोरेंट, होटल, कैफे में जाकर जमकर कश लगाने वाले हैं। नाइट क्लब और रेव पार्टी में सप्लाई की जा रहीं नशे की दवाएं, 11 राज्यों तक काला कारोबार फैला हुआ है। वीकेंड में होने वाली है जमकर पार्टी और नशे में युवा होंगे लिप्त - जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए लॉकडाउन की घोषणा के बाद से शनिवार और रविवार देर रात बड़े होटलों में हुक्का से लेकर चरस, अफीम के साथ तमाम तरह की नशे की सामग्री परोसी जायेगी। राजधानी के युवक-युवतियां पूरी तरह नशे की आगोश में समाने वाले है। कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है। इस तरह के नए फार्मूेले वाले ऑफरों का खेल राजधानी के वीआईपी और नामचीन होटलों में शुरू हो गया है, वीकेंड पर होने वाले शराब-शबाब पार्टी के लिए फ्राइडे से सटरडे की शाम तक सोशल मीडिया पर एक मेसेज लगातार चलता है, जिसमें जश्न ए पार्टी के लिए युवक-युवतियां अपने फ्रेंड और न्यूकमर्स को सोशल मीडिया में मेसेस भेजकर इनवाइट करते है। जिसे पढ़कर कोई भी युवक-युवतियां अपने आप को रोक नहीं पाते है। राजधानी के बड़े होटलों में इस तरह की पार्टियों का आर्गेनाइज चलन बढ़ गया है, जिसमें कई तरह की ऑफर भी दिए जा रहे है। जिसमें खासकर युवतियों को ऑफर दिया जाता है कि दो सहेलियों के साथ चार लोगों को फ्री इंट्री और युवकों को आफर दिया जाता है कि एक के साथ एक फ्री।

पब, हुक्काबार में गांजा-चरस का अवैध कारोबार

शहर में गांजा, चरस, कफ सिरप और टेबलेट की मांग ज्यादा है। स्लम और बड़ी कॉलोनियों में कफ सिरप और टेबलेट ज्यादा बिक रहा है। कफ सिरप 50 से 100 रुपए में और टेबलेट 1 से 2 रुपए में बिक रही है। इसी तरह चरस और गांजा पब, हुक्काबार और कई बड़े होटलों में खप रहा है। इन मादक पदार्थों में गंध नहीं रहने के कारण युवा वर्ग में इसकी ज्यादा मांग है। अमूमन इसी तरह की ड्रग्स वाली पार्टी में अधिकतर फर्जी आईडी कार्ड वाले पत्रकार ही संरक्षक होते हैं।

30 अवैध कारोबारी-बदमाश पुलिस के निशाने पर

राजधानी रायपुर में चरस, गांजा, शराब और कट्टा, पिस्टल जैसे हथियार बेचने के साथ सट्टा, जुआ खिलाने वाले 30 से अधिक आदतन बदमाशों की सूची पुलिस ने तैयार की है।

ये बदमाश लंबे समय से गैर-कानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं और कई के अपराधिक रिकॉर्ड भी हैं। पुलिस कप्तान अजय यादव ने सभी थाना प्रभारियों को सूचीबद्ध किए गए नामजद बदमाशों की धरपकड़करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने पिछले 24 घंटे में पांच से अधिक बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि राजधानी में गांजा, चरस, शराब के साथ कट्टा, पिस्टल आदि बेचने की शिकायत लगातार मिल रही हैं। वहीं, गली-मोहल्लों में सट्टा, जुआ खिलाने वाले भी सक्रिय हैं। इस कारोबार से जुड़े अधिकांश लोगों के अपराधिक रिकॉर्ड हैं। अपने-अपने इलाके में वर्चस्व स्थापित करने के लिए बदमाशों ने गुर्गे पाल रखे हैं। कारोबार का विरोध करने वालों को धमकाकर चुप कराने से लेकर ये गुर्गे मारपीट करते हैं। इसके कारण लोग शिकायत करने से डरते हैं।

पुलिस के अनुसार यहां चलता है कारोबार

शहर में कालीबाड़ी, नेहरुनगर, लाखेनगर चौक, ईदगाहभाठा, समता कॉलोनी, चौबे कॉलोनी, श्यामनगर, रविग्राम तेलीबांधा, राजातालाब, कटोरा तालाब, सिविल लाइन, मौदहापारा, इंद्रावती कालोनी, रामकुंड, रामनगर, भारतनगर, संजयनगर, पंडरी, फाफाडीह, खमतराई, मुर्राभट्टी, टिकरापारा, संतोषी नगर, वीआईपी रोड आदि स्थानों पर शराब, गांजा, चरस के साथ हथियार बेचने वाले सक्रिय हैं।

पुलिस की सूची में बदमाशों के नाम

पुलिस ने जिन गैर-कानूनी कारोबार करने वालों की सूची बनाई है, उनमें उस्मान, धमेंद्र, अशोक, यासीन, मेंहदी, बंटी, दीपांकर, उदय जैन, करीम, रवि साहू, दिलीप, राम, दिनेश ठाकुर, संजय रक्सेल, ओम, सुनील, आबिद, गजेंद्र, गुल्लू, विक्की, राजू, सोनू, राजेश आदि बदमाशों के नाम शामिल हैं। इनके खिलाफ लगातार अवैध गतिविधियों में शामिल होने की शिकायतें मिल रही हैं। इन्हें पहले भी गिरफ्तार किया गया था।
-अवैध कारोबार करने वालों बदमाशों को पकडऩे के निर्देश सीएसपी और थाना प्रभारियों को दिए गए हैं। किसी भी सूरत में हथियार, मादक प्रदार्थ बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
-अजय यादव, एसएसपी रायपुर

जन्मदिन की पार्टी में हुक्के की गुडग़ुड़ाहट बन गया स्टेटस सिंबाल

रायपुर। राजधानी में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों को रोकने पुलिस हाईटेक सिस्टम का इस्तेमाल करती है, नशे के कारोबारी भी उतने ही नए-नए तरीके से चकमा देकर अपने आपराधिक कृत्य को अंजाम दे रहे हैं। नशे के कारोबार में लिप्त लोगों को अब हुक्काबार सुरक्षित नजऱ आ रहा हैं। प्रदेश में हुक्काबारों के संचालन पूरी तरह से बंद करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव के बावजूद भी राजधानी और अन्य शहरों में अवैध हुक्काबारों का संचालन बदस्तूर जारी हैं। सरकार ने बाकायदा विधानसभा में हुक्काबार बंद करने के लिए प्रस्ताव पारित किया, लेकिन उन्हें बंद करने की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हुई। उसी का नतीजा कि राजधानी में बड़े-बड़े होटलों में हुक्काबार पहले से ही संचालित हो रहे हैं। जहां रसूखदार और शौकीन छल्ले उड़ाते देखे जा सकते हैं। हुक्काबार का न्य केंद्र कविता नगर, खम्हारडीह, शैलेन्द्र नगर, कटोरातालाब, वीआईपी रोड, कोटा कालोनी के आस-पास देखा जा सकता है। हाई प्रोफ़ाइल घरों के बिगड़ैलों ने इसका नया अड्डा रिहायशी एरिया को बना रखा हैं। वहां पर वे घरों में हुक्का पार्टी करते कई बार पकड़ा चुके हैं। महानगर के तर्ज पर लड़के-लड़कियां साथ बैठकर शराब पीते है एवं हुक्के का लुत्फ उठाते हैं। आजकल युवाओं में नया चलन हो गया है कि किसी का भी जन्मदिन हो पार्टी हुक्काबार में देना पसंद करते हैं। गौरतलब है कि नए कप्तान आने के बाद से राजधानी में हुक्काबारों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है।

हुक्काबारों पर पुलिस की नजऱ : शहर के नए कप्तान ने अब कानून चल रहे बेरोकटोक चल रही हुक्काबारों पर भी लगातार कार्यवाही शुरू हो गई है। हुक्काबारों के आलावा नशे के कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश भी नए कप्तान ने सभी सीएसपी और थानेदारों को दिया हैं। अतिशीघ्र इसके परिणाम देखने को मिल जायेगा। विगत दिनों खम्हारडीह, कविता नगर और कटोरा तालाब में लगातार कार्यवाई भी की गई थी। स्वयं सीएसपी नसर सिद्दीकी अपने हाथ में कमान संभाली थी। हालांकि एसएसपी डॉ अजय यादव ने व्यक्तिगत रूचि लेते हुए ड्रग माफियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश सभी सीएसपी और थानेदारों को दिए हैं। राजधानी में गुंडे बदमाशों, सटोरियों, ड्रग माफियों और हुक्काबारों के खिलाफ जमकर अभियान चलाया जा रहा हैं।

जिसका सुखद परिणाम भी जनता को देखने को मिलेगा।

लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिग का पालन नहीं करते हुए युवक-युवतियों का झुण्ड घरों में हुक्का पार्टी करते हैं। जनता से रिश्ता लगातार हुक्काबारों में नशा परोसे जाने को लेकर खबर प्रकाशित करते रहा हैं। लेकिन पुलिस छोटे-छोटे होटलों में कार्यवाही कर खानापूर्ति कर रही थी। लेकिन राजधानी के बड़े होटलों में संचालित अवैध हुक्काबारों पर कार्यवाही नहीं कर पा रही थी। राजनीति पहुंच वाले हुक्काबरों के संचालक अपने राजनीतिक रसूख का धौस दिखाकर कानून कायदे को ताक में रखकर सस्ता नशा परोसकर रोज लाखों की अवैध कमाई कर रहे हैं। युवा पीढ़ी नशों के इस दलदल में बुरी तरह से धसा हुआ हैं। चाहकर भी वह निकल नहीं पा रहा हैं। एक बार युवाओं में नशे की लत लग जाए तो वह नशा और अन्य शौक पूरा करने लूटपाट भी करने लग जाते हैं। ऐसे कई केस हो चुके है। नशे के इस अवैध कारोबार हुक्काबारों में संचालक यह भी नहीं देखते कि ग्राहक बालिग है या नाबालिग उन्हें सिर्फ पैसे कमाने से मतलब रहता हैं। आजकल हुकाबरों में पुलिस की दबिश से अवैध नशा कारोबारियों ने स्पा सेंटर के नाम से पैसा कमाने में लग गए हैं। अधिकतर स्पा सेंटर में लड़कियों द्वारा शेविंग, मसाज कराया जाता हैं। हर चीज़ का रेट अलग रहता हैं। स्पा सेंटर के आड़ में जिस्म फिरोशी भी किया जाता हैं। हालांकि पुलिस कई स्पा सेंटरों में छापा मारकर जिस्मपोशी को उजागर किया था लेकिन संचालक नये-नये तरीके ईजाद कर हुक्केबार को आगे बढ़ाते हैं।

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