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बांद्रा स्टेशन की घटना से ठाकरे सरकार पर उठे सवाल

Janta se Rishta
15 April 2020 9:46 AM GMT
बांद्रा स्टेशन की घटना से ठाकरे सरकार पर उठे सवाल
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1000 मजदूरों पर स्नढ्ढक्र अफवाहबाज हुआ अरेस्ट

मुंबई में कोरोना से 11 और मौतें, हालात बिगड़े

मुंबई (ए/टीवी चैनल्स/नेट डेस्क)। मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ इका होने के मामले में पुलिस ने विनय दुबे नाम के शख्स को हिरासत में ले लिया है। विनय दुबे को नवी मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया और मुंबई पुलिस को सौंप दिया। लॉकडाउन के बीच विनय दुबे पर भीड़ को गुमराह करने का आरोप है। विनय दुबे सामाजिक कार्यकर्ता है। उसके कुछ ट्वीट्स सत्ताधारी पार्टी की सहयोगी एनसीपी से उसके करीबी संबंधों की ओर इशारा करते हैं। माना यही जा रहा है कि अफवाह के कारण ही बांद्रा स्टेशन पर मजदूरों की भीड़ जमा हुई। आरोपी विनय दुबे चलो घर की ओर कैंपेन चला रहा था। अपने फेसबुक पर शेयर किए गए पोस्ट में उसने टीम के बांद्रा में होने की बात कही थी। इस मामले में पुलिस ने एक हजार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दुबे के खिलाफ आईपीसी की धारा 117, 153 ए, 188, 269, 270, 505(2) और एपिडेमिक एक्ट की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें कि मंगलवार को मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ इका हो गई थी। ये सभी मजदूर घर जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। मजदूरों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन खत्म हो जाएगा। उन्हें हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। हालांकि अब वहां से प्रवासी मजदूरों को हटा दिया गया है। पूरे देश में 3 मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। बांद्रा की घटना से उद्धव ठाकरे सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि जब मजदूर धीरे-धीरे इकट्ठा हो रहे थे तब मुंबई पुलिस क्या कर रही थी और सरकार ने त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की? गौरतलब है कि भारी भीड़ इकट्ठा होने के बाद लाठी चार्ज किया गया और मजदूरों को वहां से हटाया गया।

इस घटना पर गृह मंत्री अमित शाह ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच ये ठीक नहीं है। इस संबंध में उन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की। वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार इन मजदूरों का इंतजाम करेगी। उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। इधर, इस पूरी घटना पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने ट्वीट किया और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सूरत में हाल में कुछ मजदूरों ने दंगा किया था। केंद्र सरकार उन्हें घर पहुंचाने को लेकर फैसला नहीं ले पाई। आदित्य ठाकरे ने कहा कि प्रवासी मजदूर खाना और शेल्टर नहीं चाहते हैं, वे घर जाना चाहते हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने किया फोन : गृहमंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को फोन कर बांद्रा में जमा भीड़ पर चिंता व्यक्त की। गृहमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश को कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में कमजोर करती हैं। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सजग रहना जरूरी है। शाह ने सीएम उद्धव ठाकरे से भी फोन पर बात की। खबर है कि इस मामले में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है।
लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद घबराए लोग : 21 दिन के लिए देश में लागू लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10 बजे देश को संबोधित करते हुए ऐलान किया अब देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि लोग लॉकडाउन को लंबा खिंचता देख घबरा गए और घर भेजने की मांग करने लगे। बता दें कि महाराष्ट्र कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं और यहां कोविड-19 के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में इस भीड़ का जुटना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब तक कोरोना के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में ही सामने आए हैं। राज्य में कोरोना के कुल 2334 मरीज सामने आए हैं। इसमें से 217 मरीज ठीक हो चुके हैं और कोरोना के चलते 160 लोगों की मौत हो चुकी है।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से बताया गया है कि मुंबई में मंगलवार को कोरोना के 204 नए मामले सामने आए हैं और 11 लोगों की मौत हुई है। इस प्रकार सिर्फ मुंबई में ही कोरोना के संक्रमितों की कुल संख्या 1753 हो चुकी है। मुंबई शहर में ही कोरोना के चलते 111 लोगों की मौत हो चुकी है।

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