इस देश में खुलने लगे पब और रेस्टोरेंट…टॉप साइंटिस्ट ने कहा कोई खतरा नहीं

जनता से रिश्ता वेबडेस्क।  लंदन: ब्रिटेन में पब और रेस्टोरेंट दोबारा खोले जा रहे हैं. इससे महामारी के दूसरे दौर का कोई खतरा नहीं है एक टॉप की साइंटिस्ट ने कहा है कि पब और रेस्टोरेंट के खुलने से महामारी के दूसरे दौर का कोई खतरा नहीं है

द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सुनेत्रा गुप्ता ने कहा है कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से लॉकडाउन खत्म किया जा सकता है, इससे महामारी का दूसरा दौर आने का खतरा नहीं है

वैज्ञानिक का दावा उस बीच आया है, जब ब्रिटेन में पब को लेकर जारी सख्ती में छूट देनी शुरू हुई है. पब से लोग ग्लास में भरकर डिंक्स ले जा रहे हैं. लोग बोतल भी ले जा सकते हैं. पब में टेक अवे की छूट दी गई है

20 मार्च के बाद से बंद थे पब और रेस्टोरेंट



20 मार्च के बाद से यूके में करीब 47 हजार पब्स बंद थे. अब धीरे-धीरे ये सब खुलने लगे हैं. लोगों ने सोशल मीडिया में डिंक्स ले जाते हुए तस्वीरें डालनी शुरू कर दी हैं. लॉकडाउन के बाद लोग पहली बार ड्रिंक का मजा ले रहे हैं.

इस बीच प्रोफेसर सुनेत्रा गुप्ता ने कहा है कि लॉकडाउन से तुरंत बाहर निकलना चाहिए. उनका कहना है कि कोरोना वायरस खत्म होने की कगार पर है.

मार्च में इसको लेकर एक रिपोर्ट सामने आई थी. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि आधे से अधिक ब्रिटेन के नागरिकों को कोरोना का संक्रमण हो चुका है. महीनों से इसका संक्रमण फैलने की वजह से लोग वायरस की चपेट में भी आए हैं और फिर ठीक भी हुए हैं

ब्रिटेन में किया गया था 5 लाख मौतें का दावा
इस स्टडी में दावा किया गया था कि कोरोना के चलते मृत्युदर 0.1 फीसदी थी. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इंपीरियल कॉलेज की स्टडी के बाद देश में लॉकडाउन लगाया था. इस स्टडी में प्रोफेशर नील फर्ग्यूसन ने दावा किया था कि अगर सरकार कोई एक्शन नहीं लेती है तो कम से कम 5 लाख लोगों की मौत हो सकती है.

इस पर प्रोफेसर सुनेत्रा गुप्ता ने कहा है कि कोरोना को लेकर ऑरिजिनल थ्योरी सही है. लेकिन अब तक ब्रिटेन में वायरस को लेकर मजबूत प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो गई है. उन्होंने कहा है कि इंपीरियल कॉलेज ने सबसे खराब हालात में उतनी मौतों की संभावना बताई थी.

उन्होंने कहा है कि मैं स्वीकार करती हूं कि ऐसा हो सकता था. अगर हालात एकदम से बहुत बुरे हो जाते. सवाल है कि क्या लॉकडाउन की कीमत पर सबसे बुरे हालात के लिए तैयार रहना चाहिए. प्रोफेसर सुनेत्रा ने कहा है कि लॉकडाउन अब काफी बढ़ गया है. अब इससे निकलने की जरूरत है