छत्तीसगढ़

कोरोना के इलाज में लाखों रुपए वसूल रहे निजी अस्पताल

Janta se Rishta
30 Aug 2020 6:25 AM GMT
कोरोना के इलाज में लाखों रुपए वसूल रहे निजी अस्पताल
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निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज़ का खर्च निर्धारित करे सरकार: सुंदरानी


रायपुर (जसेरि)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व राजधानी रायपुर के भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुन्दरानी ने प्रदेश सरकार से निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज़ का खर्च निर्धारित करने की मांग की हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। मरीजों को भर्ती कर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को भी अनुमति दी है। इलाज के खर्च निर्धारित नहीं होने की वजह से मरीजों से मनमाने ढंग से लाखों रुपये वसूल किया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता सुन्दरानी ने कहा कि निजी अस्पतालों ने अपने मन से इलाज का खर्च निर्धारित कर लिया है और इस संकट की घड़ी में मरीजों को लूटा जा रहा हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं। भाजपा प्रवक्ता व जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुन्दरानी ने कहा कि हम शुरू से कहते रहे कि निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च सरकार निर्धारित करें परंतु कोरोना की लड़ाई में जैसे प्रदेश सरकार ने मनमानी करने और करने देने का मन बना लिया हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के लगातार विस्तार और बिस्तर के आभाव, व्यवस्था के आभाव में हर वर्ग को आज निजी अस्पताल का रुख करना पड़ रहा हैं। सम्पन्न व्यक्तियों सहित माध्यम वर्ग व गरीब वर्ग को भी मज़बूरी में निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा हैं।निजी अस्पताल की मनमानी का शिकार होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में प्रदेश सरकार बिना देर किए बिना किसी किंतु परंतु के तत्काल निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज का खर्च निर्धारित करें। उन्हीने सरकार से आग्रह किया है कि इस संकट की घड़ी में इलाज का खर्च सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जाए ताकि इस कोरोना के इलाज के लिए किसी भी वर्ग को भटकना न पड़े। साथ ही उन्होंने गरीब वर्ग व मध्यम वर्ग के मरीजों का निजी अस्पताल में इलाज का खर्च सरकार द्वारा वहन करने की भी मांग की है।


एनएमडीसी को निजी हाथों में सौंपने का कांग्रेस ने किया विरोध


मोदी सरकार के एनएमडीसी को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय का कांग्रेस ने विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि देश की जनता मोदी सरकार को सरकारी संपत्तियों को बेंचने के लिये माफ नहीं करेगी। मोदी सरकार उद्योगपत्तियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी कंपनियों को कौड़ी के मोल बेचने में तुली है। एनएमडीसी की इकाई नगरनार की स्टील संयंत्र,जो अभी शुरू नहीं हुआ,जिसमें बस्तरवासियों की भावनाएं जुड़ी हैं, उसे भी निजी हाथों को सौंप रही है। इसके पहले भी अटल बिहारी की सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्थित बालको सयंत्र को पानी के मोल बेच दिया था,जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था। धनंजय ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर असफल हो चुकी है। मोदी सरकार के गलत नीतियों के कारण बीते 6 साल में देश गंभीर आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा हैं। लोगों के सामने में रोजी-रोजगार की विकराल समस्या खड़ी हो गई है। व्यापार-व्यवसाय तबाह हो गए हैं। बीते 6 साल में 8000 से अधिक उद्योगपति अपना कारोबार समेट कर देश छोड़कर जा चुके हैं। मोदी सरकार अपने चंद उद्योगपतियों मित्रों को फायदा पहुंचाने कोल ब्लॉक सरकारी कंपनियों एयरपोर्ट विमानन कंपनी बीएसएनएल भेल सेल ट्रेन रेलवे स्टेशन सहित 135 सरकारी कंपनियों को बेच रही है। कांग्रेस सरकारों के समय बनी कंपनियों और राष्ट्रीय संपत्ति बेचने में भाजपा सरकार प्रॉपर्टी डीलर की भूमिका निभा रही है। कई उद्योगपति बैंकों का पैसा डकार कर भाजपा के ट्रैवल एजेंसी का फायदा उठाकर विदेश भाग गए हैं।

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