Pitru Paksha:-श्राद्ध पक्ष में जानिए इस बार तिथियों का बड़ा खेल

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- 13 सितंबर से श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो जाएगा। श्राद्ध पक्ष में इस बार तिथियों का अनोखा खेल दिखाई दे रहा है। द्वितीया तिथि को कोई श्राद्ध नहीं होगा, जबकि एकादशी और द्वादशी के श्राद्ध दो दिन पड़ेंगे। इसी प्रकार गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन चतुर्दशी दो दिन पड़ रही है।

श्राद्ध पक्ष 13 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। वास्तव में पूर्णिमा का श्राद्ध चतुर्दशी को पड़ जाएगा। पूर्णिमा के दिन प्रतिपदा का श्राद्ध पड़ेगा। इसी प्रकार द्वितीया तिथि का श्राद्ध प्रतिपदा को पड़ रहा है। खास बात यह है कि 16 सितंबर सोमवार के दिन द्वितीया तिथि तो है, पर उस दिन कोई भी श्राद्ध नहीं हैं।

चतुर्दशी तिथि का पूर्ण क्षय

मंगलवार 17 सितंबर से श्राद्ध, तृतीया के श्राद्ध से प्रारंभ हो रहे हैं। इसके बाद प्रतिदिन एक श्राद्ध है। श्राद्धों का यह क्रम तिथियों के फेर के चलते एक बार फिर 25 सितंबर बुधवार को गड़बड़ा जाएगा। बुधवार को वैसे तो एकादशी हैं, लेकिन एकादशी और द्वादशी के श्राद्ध इसी दिन पड़ रहे हैं।
27 सितंबर शुक्रवार को त्रयोदशी के दिन चतुर्दशी का श्राद्ध हो जागए। जबकि चतुर्दशी तिथि का पूर्ण क्षय हो गया है। अमावस्या का श्राद्ध और पितृ विसर्जन 28 सितंबर को पड़ेंगे। गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन दो दिन बार 12 सितंबर को होगा। श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो जाने के कारण शुक्रवार को विसर्जन की शुद्ध तिथि नहीं मानी गई है। गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम लगातार जारी है।