छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने उठाया मामला...पीडब्ल्यूडी में कनिष्ठों को वरिष्ठों की जिम्मेदारी

Janta se Rishta
27 Aug 2020 6:15 AM GMT
छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने उठाया मामला...पीडब्ल्यूडी में कनिष्ठों को वरिष्ठों की जिम्मेदारी
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रायपुर (जसेरि)। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में वरिष्ठ को किनारे कर जूनियरों को मनपसंद पद दिए जाने को लेकर बुधवार को सदन गरमा गया। विभागीय मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि पदोन्नति की प्रक्रिया भाजपा ने पहले तय कर दी होती तो आज यह स्थिति नहीं आती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार ऐतिहासिक ढंग से काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रश्नकाल के दौरान लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी देने और वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 3 अगस्त 2020 की स्थिति में विभाग में कार्यपालन अभियंता व उधा पद पर वरिष्ठता सूची के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी के स्थान पर कनिष्ठ अधिकारियों को पदस्थ किया गया था। इसका कारण बताया जाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी कनिष्ठ अधिकारियों को प्रभार देने के कारण कम महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का मुद्दा भी उठाया। पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि किसी को दरकिनार करना या किसी को जिम्मेदारी देना ऐसा नहीं किया जाता। जहां जिसकी जो जरूरत होती है उससे वहां काम लिया जाता है। वरिष्ठता क्रम बदलता गया। पहले जो वरिष्ठता क्रम था उसके अनुसार जिम्मेदारी दी जा रही थी। इसके बाद कई परिवर्तन हुए उसके मुताबिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। कुछ मामलों में जांच भी चल रही है। अलग-अलग अधिकारियों को उनकी वरीयता क्रम के मुताबिक अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।

पदोन्नति को लेकर बहस

विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर नेता प्रतिपक्ष कौशिक और पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू के बीच सदन में जमकर सवाल-जवाब हुए। नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि किन-किन अधिकारियों के खिलाफ कोई प्रकरण चल रहा है? कोई मामला न्यायालय में लंबित है? मंत्री साहू ने कहा कि ईएनसी का जो पद होता है वह योग्यता और उनकी कार्य क्षमता के अनुसार ही जिम्मेदारी दी जाती है। ऐसा ही 2012 से 2018 के बीच भी जिम्मेदारी दी गई थी। पांचवें क्रम के अधिकारी को आप लोगों ने ईएनसी बनाया था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिनके विरुद्घ विभागीय जांच चल रहे हैं मामले न्यायालय में लंबित हैं ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे कौन से गुण है इन लोगों में? इसकी जानकारी सदन में देनी चाहिए।

नौ माह तक जवाब नहीं मिल रहा

नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर आरोप लगाया कि जिस प्रकार से सरकार चल रही है उसमें सारे वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है। इस संबंध में मैंने पत्र भी लिखा है। नौ माह तक मुझे मंत्री की ओर से पत्र का जवाब नहीं आए हैं। अभी भी कहा जा रहा है कि प्रक्रियाधीन है। ऐसे मामलों को प्रक्रियाधीन नहीं रखा जाना चाहिए। तत्काल जांच कराकर जिन्हें हटाया जाना है उन्हें हटाना चाहिए. अगर आवश्यकता किसी का आरोप पत्र वापस लेने की है तो आरोप पत्र वापस लेना चाहिए।

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