मोटापा छू भी नहीं पाएगा, बच्चों में डालें मेडिटेशन की आदत | जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क | मैडीटेशन केवल मन के लिए ही नहीं बल्कि हमारी बॉडी के लिए भी काफी लाभदायक है। मैडीटेशन यानी कि माइंडफुलनैस या ध्यान लगाना इस थैरेपी का इस्तेमाल करने से बच्चों में तनाव, भूख और वजन को कम करने में मदद मिलेगी। हाल ही में हुए शोध में खुलासा हुआ कि मोटापे और घबराहट से जूझ रहे बच्चों को ध्यान लगाने से फायदा हो सकता है।

क्या है माइंडफुलनैस?

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माइंडफुलनैस एक मनोवैज्ञानिक तकनीक है, जिसमें ध्यान लगाने की क्रिया का उपयोग कर निजी जागरूकता को बढ़ाने और बीमारियों से संबंधित तनाव को दूर करने के लिए किया जाता है। ऐसे में आहार और माइंडफुलनैस के इलाज का इस्तेमाल कर मोटे बच्चों में वजन कम करने की प्रक्रिया को बेहतर किया जा सकता है।

कैसे कंट्रोल होगा मोटापा?

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पत्रिका इंडोक्राइन कनैक्शन में प्रकाशित शोध में पाया गया कि मोटापे से पीड़ित जिन बच्चों को कम कैलोरी वाले आहार के साथ माइंडफुलनैस की थैरेपी दी गई उनका वजन, भूख और तनाव उन बच्चों से ज्यादा घटा जो सिर्फ कम कैलोरी वाला आहार ले रहे थे।

ब्लड प्रेशर भी होगा कंट्रोल

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शोध के निष्कर्षों से पता चला कि माइंडफुलनैस में इतनी क्षमता है कि मोटे बच्चों को न सिर्फ वजन कम करने में मदद मिलेगी बल्कि उन्हें उच्च रक्तचाप और मस्तिष्काघात के जोखिम से भी निजात मिलेगी। पूर्व के कई शोधों में दर्शाया गया कि तनाव और ज्यादा खाने के बीच मजबूत संबंध है। वहीं बचपन में होने वाला मोटापा कई बीमारियों जैसे दिल संबंधी बीमारियों और मधुमेह की वजह बन सकता है।