अब शेयर बाजार के नियम हुए सख्त, SEBI प्रमुख अजय त्यागी बोले- और शक्तियों की जरूरत । जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क।  शेयर मार्केट को रेग्युलेट करने वाली संस्‍था सेबी ने निवेशकों के हित में कई कदम उठाए हैं. इसके साथ ही सेबी प्रमुख अजय त्यागी ने कहा है कि कंपनियों में गड़बड़ी का खुलासा करने वालों (व्हीसल ब्लोअर्स) के बीच भरोसा पैदा करने के लिए अधिक शक्तियों की जरूरत है.

सेबी को शक्तियों की जरूरत! सेबी प्रमुख अजय त्यागी ने कहा कि गड़बड़ी का खुलासा करने वालों (व्हिसल ब्लोअर्स) के बीच भरोसा पैदा करने के लिए संभवत: अधिक शक्तियों की जरूरत है. त्यागी ने आईटी कंपनी इन्फोसिस के खिलाफ गड़बड़ी उजागर करने वाले के सेबी के बजाय अमेरिकी नियामक एसईसी के पास जाने की पृष्ठभूमि में यह बात कही. इसके साथ ही सेबी प्रमुख ने शिकायतों का खुलासा नहीं करने को लेकर कहा कि जो कंपनियां व्हिसब्लोअर की शिकायतों को ‘ठोस’ नहीं होने के आधार पर खुलासा नहीं करती हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

कंपनियों के कर्ज को लेकर पारदर्शिता

वहीं सेबी ने लिस्टेड कंपनियों के लिए कर्ज नहीं चुका पाने की जानकारी देने संबंधी नियमों को सख्त बना दिया है. अब कर्ज के मूलधन या ब्याज की अदायगी में 30 दिनों से ज्यादा की देरी होने पर लिस्‍टेड कंपनियों को 24 घंटे के भीतर समय पर कर्ज भुगतान नहीं कर पाने के बारे में तथ्यों का खुलासा करना होगा. सेबी के इस फैसले से निवेशकों के सामने लिस्टेड कंपनी को लेकर पारदर्शिता रहेगी.

सेबी प्रमुख अजय त्यागी ने कहा, ” अगर ब्याज या मूलधन चुकाने में चूक होती है और 30 दिन के बाद भी जारी रहता है तो समयसीमा खत्म होने के बाद 24 घंटे के अंदर लिस्‍टेड कंपनियों को शेयर बाजार के सामने इसका खुलासा करना होगा. इसके पीछे वजह है कि ज्यादा से ज्यादा जानकारी सार्वजनिक मंच पर होनी चाहिए ताकि निवेशकों और अन्य हितधारकों को यह पता चलता रहे कि क्या चल रहा है.” नया नियम एक जनवरी 2020 से लागू होगा. दरअसल, आईएलएंडएफएस समेत कई कंपनियों द्वारा समय पर कर्ज का भुगतान नहीं कर पाने जैसी कई घटनाएं सामने आई हैं. कई मामलों में कर्ज चुकाने में देरी की जानकारी बहुत देरी से दी गई.