नई रिसर्च में खुलासा : ई-सिगरेट का सेवन करने से हो सकता है मूत्राशय कैंसर | जनता से रिश्ता

जनता से रिश्ता वेबडेस्क |  सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। यह बात सभी जानते हैं। सिगरेट पीने से कैंसर जैसा जानलेवा रोग होता है। सिगरेट के पैकेट पर कैंसर की सचित्र चेतावनी के बावजूद भी लोग इसका सेवन करते हैं। कैंसर से जब घर के मुखिया की मौत तो होती ही है तो पूरा परिवार बिखर जाता है। हाल के कुछ वर्षों में ई-सिगरेट का चलन भी खूब बढ़ा है। ई-सिगरेट पीने वालों को भी कैंसर हो सकता है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक शोध में पाया है कि ई-सिगरेट पीने वालों को मूत्राशय का कैंसर हो सकता है। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से:

ई-सिगरेट का सेवन करने वालों के यूरीन(मूत्र) में सिगरेट पीने वालों के समान कार्सिनोजेन्स होने की संभावना होती है। वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया कि जो लोग ई-सिगरेट या कभी-कभी अन्य तंबाकू उत्पाद का सेवन करते हैं उनके मूत्र में ऐसे छह तत्व मिले हैं जिनसे मूत्राशय कैंसर होने की खतरा ज्यादा है। 

यूरोपीय यूरोलॉजी ऑन्कोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित समीक्षा शोध के मुताबिक 22 अलग-अलग अध्ययनों के परिणामों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें ई-सिगरेट या सिगरेट जैसे अन्य उत्पादों के  उपयोगकर्ताओं के मूत्र का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना (यूएनसी) के शोधकर्ताओं ने कैंसर से जुड़े यौगिकों या उन यौगिकों के बायोमार्कर के प्रमाणों की जांच की। शोध के सह लेखक मार्क बजुर्लिन ने कहा कि मूत्राशय कैंसर का प्रमुख कारण धूम्रपान है। 

शोध में पाया गया कि जो लोग ई-सिगरेट का सेवन करते हैं, उनके मूत्र में सिगरेट पीने वालों के समान कार्सिनोजेन्स हो सकते हैं। जबकि अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन, और रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र सहित सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ई-सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। 

मार्क बजुर्लिन ने बताया कि ई-सिगरेट का सबसे पहला असर फेफड़ों पर पड़ता है। लंबी अवधि में इसका पता चलता है। शोधकर्ताओं ने पाया की ई-सिगरेट में 40 अलग-अलग यौगिक होते हैं, जो कि शरीर में 63 अलग-अलग विषैले, कैंसर पैदा करने वाले रसायनों या कार्सिनोजेन्स की प्रक्रिया कर सकते हैं। इनमें छह रसायन का मूत्राशय कैंसर से गहरा संबंध है।