पत्रकारों का काम अब रोबोट से कराएगा Microsoft, दर्जनों कर्मचारियों को नौकरी से किया बर्खास्त | जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क | माइक्रोसॉफ्ट का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर के ज़रिए काम करवाने का फैसला करने के बाद दर्जनों पत्रकारों (journalists) को बर्खास्त कर दिया गया है. गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक जो स्टाफ माइक्रोसॉफ्ट की MSN वेबसाइट का न्यूज़ होम पेज और उसके एज ब्राउज़र को चला रहे थे उन्हें काम करने से मना कर दिया गया और कहा गया कि अब उनकी ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उनका काम अब रोबोट (Robots) पूरा करेंगे. जानकारी के लिए बता दें माइक्रोसॉफ्ट MSN के ज़रिए दुनियाभर में करोड़ों लोग खबरें पढ़ते हैं.

पीए मीडिया द्वारा नियोजित लगभग 27 कर्मचारी से बीते गुरुवार को कहा गया था कि वे एक महीने में अपनी नौकरी खो देंगे, जब Microsoft ने अपने होमपेज पर न्यूज़ लिखने, एडिट करने, चुनने और क्यूरेट करने के लिए इंसानों की नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को चुनने का फैसला लिया है.

टीम में काम कर रहे एक पत्रकार ने कहा, ‘मैने अपना सारा समय ये पढ़ने में लगाया कि कैसे ऑटोमेशन और AI हमारी नौकरियों को लेने जा रहे हैं, और यहां आज मैं हूं – AI ने मेरी नौकरी भी ले ली है.’ पत्रकार ने आगे कहा कि इंसानों के जगह सॉफ्टवेयर को देना जोखिम भरा है, क्योंकि मौजूदा स्टाफ एडिटोरियल की स्ट्रीक्ट गाइडलाइंस को फॉलो करता है. इससे वह ये सुनिश्चित करता है कि यूज़र्स को उनके ब्राउज़र खोलते समय हिंसक या अनुचित कंटेंट सामने न आए.

माइक्रोसॉफ्ट साइट पर काम करने वाली टीम ओरिजिनल स्टोरीज़ नहीं रिपोर्ट करती, लेकिन वह एडिटोरियल कंट्रोल , दूसरे संस्थानों की स्टोरीज़ को सेलेक्ट करते हैं. साथ ही फॉरमैट में फिट करने के लिए वह एडिटोरियल कंटेंट और हेडलाइन को भी एडिट करते हैं.

कई टेक कंपनियां पत्रकारिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस्तेमाल करने के लिए एक्सपेरिमेंट कर रही हैं. हालांकि लेखों के लेखन को स्वचालित करने के प्रयासों को व्यापक रूप से नहीं अपनाया गया है.