LIVE: पीएम नरेंद्र मोदी बोले- चुनाव में कोई नेता-पार्टी नहीं, जनता की जीत हुई

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-  LIVE:पीएम नरेंद्र मोदी मंच पर कार्यकर्ताओं को विजय भाषण दे रहे हैं. इस दौरान उत्साहित कार्यकर्ताओं ने मोदी-मोदी के नारे लगाए. पीएम ने कहा, मैं भारत के 130 करोड़ नागरिकों का सिर झुकाकर स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि आज मेघराजा भी हमारे साथ विजय उत्सव में शरीक हैं.जीत के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा-जनता ने इस फकीर की झोली भर दी. पीएम ने कहा, जब से देश आजाद हुआ है, तब से लेकर अब तक कई चुनाव हुए हैं. लेकिन इस चुनाव में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई, वह भी 40-42 डिग्री तापमान में.

पीएम मोदी बोले- मैं पहले दिन से कह रहा था कि यह चुनाव कोई नेता, कोई पार्टी नहीं लड़ रही थी. यह चुनाव जनता लड़ रही थी. आज मेरी उस बात को जनता ने सबसे सामने ला दिया है. पीएम ने कहा कि आज कोई विजयी हुआ है तो लोकतंत्र विजयी हुआ है, जनता विजयी हुई है. पीएम ने सुनाया महाभारत का किस्सा, कहा- महाभारत के युद्ध के बाद श्रीकृष्ण से पूछा गया था कि वो किसके पक्ष में थे। जो जवाब तब श्रीकृष्ण ने दिया था, वही जवाब आज देश की जनता ने दिया है. श्रीकृष्ण ने तब कहा था कि मैं किसी के पक्ष में नहीं था, मैं सिर्फ हस्तीनापुर के पक्ष में खड़ा था, आज भारत के 130 करोड़ नागरिक भारत के पक्ष में खड़े थे, भारत के पक्ष में उन्होंने मतदान किया.

LIVE : Victory celebrations at BJP HQ. #VijayiBharat

Posted by Bharatiya Janata Party (BJP) on Thursday, May 23, 2019

पीएम ने कहा – आज तक कोई चुनाव ऐसा नहीं गया, जिसमें महंगाई मुद्दा न रही हो. लेकिन इस चुनाव में कहीं भी महंगाई पर बात नहीं हुई. उन्होंने कहा, पहले भ्रष्टाचार के नाम पर चुनाव लड़े गए. लेकिन इस चुनाव में कोई भी भ्रष्टाचार का दाग सत्ताधारी पार्टी पर नहीं लगा.पीएम बोले- भाजपा ने कभी आदर्शों को नहीं छोड़ा,भाजपा की एक विशेषता है कि हम कभी दो भी हो गए, लेकिन हम कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए. आदर्शों को ओझल नहीं होने दिया. न रुके, न झुके, न थके. कभी हम दो हो गए, तो भी और आज दोबारा आ गए. दो से दोबारा होने की यात्रा में कई उतार चढ़ाव आए. हम दो थे, तब भी निराश नहीं हुए. अब दोबारा आए हैं तब भी न नम्रता छोड़ेगे, न विवेक को छोड़ेंगे, न हमारे आदर्शों को छोड़ेंगे, न हमारे संस्कारों को छोड़ेंगे.

पीएम ने बताया, किसकी है 2019 की जीत – ये विजय आत्मसम्मान, आत्मगौरव के साथ एक शौचालय के लिए तड़पती हुई उस मां का विजय है. ये विजय उस बीमार व्यक्ति की है जो 4-5 साल से पैसों कमी की वजह से अपना उपचार नहीं करवा पा रहा था और आज उसका उपचार हो रहा है. ये उसके आशीर्वाद की विजय है. ये विजय देश के उन किसानों की है, जो पसीना बहाकर राष्ट्र का पेट भरने के लिए अपने को परेशान करता रहता है. ये उन 40 करोड़ असंगठित मजदूरों की विजय है, जिन्हें पेंशन योजना लागू करके सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है.

पीएम मोदी ने कहा – अब देश में सिर्फ दो जाति ही रहने वाली हैं और देश इन दो जातियों पर ही केंद्रित होने वाला है. 21वीं सदी में भारत में एक जाति है- गरीब और दूसरी जाति है- देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए कुछ न कुछ योगदान देने वालों की. भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए देश की एकता और अखंडता के लिए जनता ने इस चुनाव में एक नया नैरेटिव देश के सामने रख दिया है. सारे समाजशास्त्रियों को अपनी पुरानी सोच पर पुनर्विचार करने के लिए देश के गरीब से गरीब व्यक्ति ने मजबूर कर दिया है.

मोदी बोले- सबको साथ लेकर चलना है, चुनावों के बीच क्या हुआ, मेरे लिए वो बात बीत चुकी है. हमें सबको साथ लेकर चलना है. घोर विरोधियों को भी देशहित में उन्हें साथ लेकर चलना है. इस प्रचंड बहुमत के बाद भी नम्रता के साथ लोकतंत्र की मर्यादाओं के बीच चलना है. संविधान हमारा सुप्रीम है, उसी के अनुसार हमें चलना है.