Hanuman Janmotsav 2020: इन देवताओं ने हनुमान जी को दिए थे ये 8 वरदान | जनता से रिश्ता

जनता से रिश्ता वेबडेस्क।  बुधवार को हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन हनुमान जी ने मां अंजनी की कोख से जन्म लिया था। आज हम आपको उन वरदानों के बारें में बताने जा रहे हैं, जो हनुमान जी को देवताओं ने दिए थे।

सूर्य भगवान ने दिया था अपने तेज का सौवां भाग

  • सूर्य देव ने हनुमान जी को अपने तेज का सौवां भाग दिया था। इसके साथ ही शास्त्रों का ज्ञान भी हनुमान जी को सूर्य देव ने ही दिया था। सूर्य देव से ही हनुमान जी ने शिक्षा प्राप्त की थी। सूर्य देव ने हनुमान जी को ये वरदान देते हुए कहा था कि हनुमान जी के समान और किसी को भी शास्त्रों का ज्ञान नहीं होगा। 

यमराज द्वारा दिया गया वरदान

  • धर्मराज यमराज ने हनुमान जी को यह वरदान दिया था कि हनुमान जी मेरे दंड से सदैव दूर रहेंगे।

कुबेर का वरदान
कुबेर द्वारा हनुमान जी को यह वरदान प्राप्त हुआ कि हनुमान जी को कोई भी युद्ध में नहीं हरा पाएगा।

भगवान शंकर का आशिर्वाद

  • हनुमान जी भगवान शंकर के ही अवतार हैं। भगवान शंकर ने हनुमान जी को यह आशिर्वाद दिया कि मेरे अस्त्रों और शस्त्रों का आप पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

विश्वकर्मा का वरदान

  • विश्नकर्मा ने हनुमान जी को यह वरदान दिया कि मेरे बनाएं जितने भी अस्त्र और शस्त्र हैं, उनका असर हनुमान जी पर नहीं होगा।

देवराज इंद्र का वरदान

  • देवराज इंद्र ने हनुमान जी को यह वरदान दिया था कि मेरे वज्र का भी हनुमान जी पर कोई असर नहीं होगा।

जलदेवता वरुण का वरदान

  • जलदेवता वरुण ने हनुमान जी को यह वरदान दिया था कि हनुमान जी का जल भी कभी कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। समुद्र की बड़ी से बड़ी लहरे भी हनुमान जी के समक्ष क्षीण हो जाएंगी।

ब्रह्मा जी का वरदान

  • हनुमान जी को ब्रह्मदेव ने यह वरदान दिया था कि हनुमान जी ब्रह्म के दंडों से सदैव दूर रहेंगे। हनुमान जी जैसा रुप धारण करना चाहेंगे वैसा कर पाएंगे और अपनी इच्छानुसार गती पर इनका पूरा नियंत्रण होगा।