Guru Nanak Dev Updesh: सिखों के प्रथम गुरू नानक देव जी | जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। सिख धर्म के संस्थापक और उनके प्रथम गुरू नानक देव जी का 550वां जन्मदिवस 12 नवंबर दिन मंगलवार को है। नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था, इसलिए इसे प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। समाज को एक नई सोच और दिशा देने वाले गुरू नानक देव जी ने सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया और हमेशा सामाजिक भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने मूर्ति पूजा का विरोध किया, ईश्वर नाम के जप को प्राथमिकता दी। समाज में व्याप्त ऊँच-नीच, जात-पात के माहौल को खत्म करने के लिए लंगर का प्रारंभ किया। इसमें हर वर्ग के लोग आते हैं और पंक्ति में बैठकर एक साथ भोजन करते हैं। उनके दिए गए उपदेशों को अपनाकर हम अपने मनुष्य जीवन को सफल बना सकते हैं। आइए जानते हैं गुरू नानक देव जी के उन महत्वपूर्ण उपदेशों के बारे में।

गुरू नानक देव जी के उपदेश

1. ईश्वर एक है, सदैव उस ईश्वर की उपासना करो।

2. ईश्वर हर जगह व्याप्त हैं, वह सभी प्राणियों में हैं। उन पर विश्वास रखना चाहिए।

3. ईश्वर की आराधना करने वाले व्यक्ति को कभी भी किसी से डरना नहीं चाहिए।

4. आप ईमानदारी से मेहनत करें और अपना भरण-पोषण करें।

5. किसी भी व्यक्ति को बुरा कार्य नहीं करना चाहिए और न ही इसके बारे में कभी सोचना चाहिए।