लोकसभा एवं विधानसभाओं सीटों पर राजनीतिक आरक्षण खत्म करे सरकार : प्रकाश आंबेडकर | जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। वंचित बहुजन आघाडी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने लोकसभा एवं विधानसभाओं सीटों पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) के लिए आरक्षण खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति और सत्ता खोने के डर से किसी भी राजनीतिक दल में ऐसा साहस नहीं है कि वह इस ‘‘राजनीतिक आरक्षण” को हटा दे। जब उनसे आरक्षण के संवैधानिक प्रावधान के बारे में सवाल किया गया कि यह शुरू में केवल 10 वर्षों के लिए था, तो इस पर आंबेडकर ने बताया, ‘‘यह संविधान की गलत समझ है। 10 साल के आरक्षण का जो प्रावधान किया गया था, वह राजनीतिक आरक्षण था।”

प्रकाश आंबेडकर ने कहा, ‘‘यह (लोकसभा एवं विधासभाओं में एससी/एसटी के) निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आरक्षण था। बाद में बाबासाहेब आंबेडकर ने वर्ष 1954 में कहा था कि इसकी अब जरूरत नहीं है और इस प्रावधान को समाप्त कर दिया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि लोगों ने यह स्वीकार कर लिया है कि मतदान उनका अधिकार है और वह अपने मतदान का उपयोग भी करेंगे, चाहे निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित हो या सामान्य हो। आंबेडकर ने कहा, ‘‘लक्ष्य पूरा हो गया है। हम भी यही कह रहे हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘कई आंबेडकरवादी कह रहे हैं कि यह राजनीतिक आरक्षण खत्म होना चाहिए। लेकिन चाहे भाजपा हो या कांग्रेस, किसी में साहस नहीं है कि इसे खत्म करे।”

जब उनसे सवाल किया गया कि संपन्न लोग इस आरक्षण का फायदा उठा रहे हैं, तो इस पर आंबेडकर ने कहा, ‘‘मैंने कभी भी आरक्षण का लाभ नहीं लिया। मैं सामान्य सीट से चुनाव जीता था।” हालांकि, उन्होंने नौकरियों एवं शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण के मुद्दे पर कहा, ‘‘यह संविधान की धारा 16 में प्रदत्त मौलिक अधिकार है। जब तक यह मौलिक अधिकार रहेगा, यह आरक्षण जारी रहेगा।”

आंबेडकर ने यह भी कहा कि ‘आरक्षण के अंदर आरक्षण’ दिए जाने का प्रावधान होना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा मिल सके। उन्होंने कहा, ‘‘आरक्षण के अंदर आरक्षण दिए जाने के प्रावधान से गरीबों में से सबसे गरीब को स्वत: लाभ मिलेगा। (यदि हम सत्ता में आएंगे तो) हम आरक्षण देने के लिए एक ऐसा प्रावधान करेंगे, जिससे इस आरक्षण का अब तक जिनको फायदा नहीं मिला हो, उन्हें सबसे पहले आरक्षण का फायदा मिले और जिन्होंने इसका पहले फायदा ले लिया हो, उनको सबसे बाद में लाभ मिले।” आंबेडकर ने यह भी घोषणा की कि वंचित बहुजन आघाडी मध्य प्रदेश में रिक्त सभी 25 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अपने उम्मीदवार खड़ा करेंगी। हालांकि, अब तक इनकी तिथि घोषित नहीं हुई है।