Gold-Silver Price Today : सोने की वायदा कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर…चाँदी भी चमकी, जानें ताजा भाव

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। जुलाई के पहले ही दिन सोने की कीमतों ने एक और इतिहास रच दिया। एक जुलाई यानी बुधवार को 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव अब तक के सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गया है। देशभर के सर्राफा बाजारों बुधवार सुबह सोना 421 रुपये उछल कर 48980 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से बिका। इससे पहले जून माह में सोने ने तीन नए रिकॉर्ड बनाए और एक के बाद एक ये सारे रिकॉर्ड ध्वस्त होते गए। वहीं आज चांदी की कीमतों में 1116 रुपये प्रति किलोग्राम का उछाल आया है। अब चांदी 49716 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।

बता दें सोमावार को  24 कैरेट सोना  48600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। वहीं मंगलवार को मामूली परिवर्तन हुआ और आज सोने के रेट ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com)  सोने-चांदी की औसत कीमत अपटेड करती है।  ibjarates के मुताबिक एक जुलाई 2020 को सोने-चांदी के रेट इस प्रकार रहे…

धातु1 जुलाई का रेट (रुपये/10 ग्राम)30 जून का रेट (रुपये/10 ग्राम)रेट में बदलाव (रुपये/10 ग्राम)
Gold 9994898048559421
Gold 9954878448365419
Gold 9164486644480386
Gold 7503673536419316
Gold 5852865328407246
Silver 99949716 Rs/Kg48600 Rs/Kg1116 Rs/Kg

वहीं आज  23 कैरेट सोने का भाव भी 419 रुपये चढ़कर 48784 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया है। जबकि 22 कैरेट सोने का मूल्य अब 386 रुपये महंगा होकर 44866 और 18 कैरेट का रेट 36735 रुपये प्रति 10 ग्राम  हो गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिल्ली के मीडिया प्रभारी राजेश खोसला के मुताबिक ibja देशभर के 14 सेंटरों से सोने-चांदी का करेंट रेट लेकर इसका औसत मूल्य बताता है। खोसला कहते हैं कि सोने-चांदी का करेंट रेट या यूं कहें हाजिर भाव अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकते हैं पर इनकी कीमतों में मामूली अंतर होता है।

यह है सोने के दाम बढ़ने की बड़ी वजह

एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेजिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनूज गुप्ता का कहना है कि आईएमएफ ने वर्ष 2020 के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था के अनुमान को घटाकर 4.9 फीसदी कर दिया है, इससे बाजार की धारणा कमजोर हुई है। साथ ही अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और रोजगार के मोर्चे पर बढ़ती आशंका से भी लोग निवेश के लिए ज्वेलरी की बजाय म्यूचुअल फंड के जरिये सोने में निवेश (ई-गोल्ड) को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना संकट के बीच जारी वैश्विक अनियचितता के चलते सोने में तेजी का दौर जारी रह सकता है। सोने के दाम में तेजी पिछले एक दशक से जारी है।