छत्तीसगढ़

जंगलों की रखवाली भगवान भरोसे, 16 वनमंडल के अधिकारी संक्रमित

Janta se Rishta
22 Sep 2020 6:15 AM GMT
जंगलों की रखवाली भगवान भरोसे, 16 वनमंडल के अधिकारी संक्रमित
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> लकड़ी कटाई और वन्यजीवों के शिकार पर नहीं लग पा रहा रोक
रायपुर (जसेरि)।
कोरोना की वजह से प्रदेश के जंगलों की रखवाली भगवान भरोसे हो गई है। प्रदेश भर के 16 वनमंडल कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इस घातक बीमारी की वजह से पहली बार इन कार्यालयों को बंद कर दिया गया है। कार्यालय के बंद होने से मंडल में होने वाला काम पूरी तरह से ठप हो गया है। वन विभाग जंगलों में लकड़ी कटाई और वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। ऐसे में कार्यालय बंद होने तथा कर्मचारियों के होम क्वारंटाइन में जाने की वजह से इन घटनाओं में इजाफा हो सकता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मंडल के अंतर्गत आने वाले विकास कार्य में बाधा आएगी, लेकिन जंगल में अवैध लकड़ी कटाई और शिकार की घटनाओं को पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है। ज्ञात हो कि प्रदेश के वन मंडल में भानुप्रतापपुर, राजनांदगांव, बालोद, सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर समेत 16 वन मंडल के कर्मचारी और अधिकारी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। पॉजिटिव आने वाले को उपचार तथा कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन सेंटर में रहने का आदेश जारी कर दिया गया है। ऐसे में वन विभाग के पास जंगल की रखवाली करना बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि जंगल में लकड़ी कटाई और वन्यजीवों के शिकार की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। लॉकडाउन और दफ्तर बंद होने की वजह लकड़ी तस्कर और शिकारी सक्रिय हो जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान जंगल के आसपास रहने वाले लोगों के पास भी कोई काम नहीं है। ऐसे में वन विभाग को तो काफी चौकन्नाा रहने की जरूरत है, नहीं तो लकड़ी तस्करों द्वारा जंगल को उजाडऩे में ज्यादा समय नहीं लगेगा। वन विभाग की मुस्तैदी के बाद भी लोग घटनाओं को बखूबी अंजाम देते रहते हैं।
मामला-1
बिलासपुर वन मंडल के अंतर्गत आने वाले बिटकुला बिट अंतर्गत 18 सितंबर को पांच आरोपितों ने मिलकर दो सियार का शिकार किया था। बीट में तैनात वन कर्मचारियों की मुस्तैदी की वजह से पांचों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सियार का शिकार करते मौके पर पक?ाए पांचों आरोपितों के पास से दो बाइक समेत एक भरमार बंदूक भी जब्त की गई है।
मामला-2
मैनपुर के जंगल में एक ग्रामीण से 50 हजार रुपये में तेंदुए के दोनों बच्चों को खरीदकर उसे बेचने कार से रायपुर ला रहे थे। वाहन चेकिंग में फंसने के डर से उन्होंने बीच रास्ते में कार छोड़कर एक्टिवा क्रमांक सीजी 04 एमएम 1645 के सामने तेंदुए के बच्चों को झोले व पिंजरे में रखकर ला रहे थे। इस घटना को एक साल से अधिक हो गया है, लेकिन वन विभाग की टीम ने अभी तक मास्टर माइंड को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
प्रदेश के 16 वन मंडल में कर्मचारी तो कहीं अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसलिए कार्यालय में काम बंद कर दिया गया है। लेकिन जंगल में वन्यजीव और पेड़ों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

  • राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक, छत्तीसगढ़

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