Ganga Dussehra 2020: दशहरा के दिन गंगा स्नान से मिटता हैं 10 प्रकार के पाप, इन बातों का रखें ध्यान

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। 1 जून 2020 को गंगा दशहरा का पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा मां पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। हिंदू धर्म में गंगा पूजन और स्नान का विशेष महत्व होता है। हर एक शुभ कार्य में गंगाजल का इस्तेमाल अवश्य किया जाता है।  गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से प्राणियों के 10 तरह के पाप मिट जाते हैं। इस तिथि पर गंगा स्नान, दान और पूजा करने से हर तरह की मनोकामना पूरी हो जाती है।

गंगा दशहरा पर स्नान से 10 पापों से मिलती है मुक्ति
 शास्त्रों में कहा गया है कि गंगा स्नान और पूजा करने से न सिर्फ पापों से मुक्ति मिलती है बल्कि इसका अनंतकाल तक इसका पुण्य फल मिलता है। मान्यता है गंगा दशहरे के दिन गंगा स्नान करने से मनुष्यों के 10 तरह के पाप खत्म हो जाते हैं।
 ग्रंथों में दस प्रकार के पाप का वर्णन किया गया है जिसमें काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह, मत्सर, ईर्ष्या, ब्रह्महत्या, छल-कपट, परनिंदा है। इसके आलावा अवैध संबंध, बिना बात जीवों को कष्ट देना, असत्य बोलने और किसी को धोखा देने से जैसे पाप भी गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने से धुल जाता है। 

गंगा स्नान करते समय इन बातों का रखें ध्यान
गंगा स्नान करते समय सबसे पहले अपने ईष्ट देवता और सूर्य को प्रणाम कर गंगा नदी में डूबकी लगाएं। नहाने के बाद सूर्य देव  को जल चढ़ाएं।
गंगा स्नान से पहले स्वयं को अच्छी तरह से जल से धोए। फिर गंगा में डुबकी लगाएं। स्नान करते समय इस बात का ध्यान रखे कि नदी में शरीर का मेल साफ न करें।
गंगा स्नान के बाद शरीर को पोंछना नहीं चाहिए। बल्कि प्राकृतिक रूप से शरीर का सुखने देना चाहिए।
सूतक काल में कभी भी गंगा स्नान नहीं करना चाहिए।
अगर गंगा तट पर जाना संभव न हो तो विशेष दिनों में घर पर नहाने की बाल्टी में गंगाजल की कुछ बूंदे डालकर नहाएं।