नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने सरकार को सतर्क किया

Former Prime Ministers of Nepal alerted the government

जनता से रिश्ता वेबडेस्क।

  • प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने बालूवाटर में की बैठक
  • बीजिंग को नहीं बेचने और चीन के ऋणजाल में नहीं फंसने की सलाह दी.
  • नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने सरकार को सतर्क किया

भारत दौरे के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिवसीय दौरे पर नेपाल पहुंच चुके हैं. शी जिनपिंग के इस दौरे के दौरान दोनों देश 11 समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. इनमें काठमांडू से चीनी सीमा पर रासुवा समेत विभिन्न स्थानों तक नए राजमार्ग का निर्माण भी शामिल है. इन सबके बीच नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने सरकार को सतर्क किया है.

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और विदेश मंत्री प्रदीप ग्याली ने चीनी राष्ट्रपति के नेपाल पहुंचने से दो दिन पूर्व 10 अक्टूबर, गुरुवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बालूवाटर में हुई यह बैठक चार घंटे चली. इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्रियों और अधिकारियों ने सरकार को अपने हित बीजिंग को नहीं बेचने और चीन के ऋणजाल में नहीं फंसने की सलाह दी.

बताया जाता है कि शी जिनपिंग केरंग से काठमांडू के बीच तिब्बत रेलवे के विस्तार की घोषणा कर सकते हैं. सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने बताया कि प्राथमिक एजेंडा पूर्वी नेपाल में किमाथांका में सड़क निर्माण, मुस्टांग में कोराला सीमा प्वाइंट और 2015 में आए भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए कोडारी और रासुवा राजमार्ग की मरम्मत है.

श्रेष्ठ ने कहा है कि चीन के साथ समझौतों के मसौदों में प्राथमिक रूप से रासुवागडी जांच चौकी और काठमांडू जाने वाली सड़क को उन्नत करना, टाटोपानी जांच चौकी और काठमांडू जाने वाली सड़क की मरम्मत, तोखा-चाहरे सुरंग का निर्माण, मदन भंडारी यूनिवर्सिटी की स्थापना, कीमाथांका कोसी कॉरिडोर राजमार्ग, कोराला जाने वाला काली गंडकी कॉरिडोर, हिलसा जाने वाला करनाली कॉरिडोर को उन्नत करना आदि प्रस्ताव शामिल हैं.