छत्तीसगढ़

ईद-उल-फितर: मस्जिद रहे खाली, घरों में पढ़ी गई चाश्त की नमाज

Janta se Rishta
25 May 2020 10:04 AM GMT
ईद-उल-फितर: मस्जिद रहे खाली, घरों में पढ़ी गई चाश्त की नमाज
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रायपुर (जसेरि)। ईदुलफितर के मौके पर आज राजधानी में मस्जिदें वीरान रहीं। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घर में ही चाश्त की नमाजें अता की। छत्तीसगढ़ में लगभग 250 साल से मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी जा रही है। कोरोना महामारी के चलते पहली बार ईद की नमाज में समाज के लोग शामिल नहीं हो पाए। नमाज पढऩा अनिवार्य होने के कारण मस्जिदों में रहने वाले 5-5 लोग ही नमाज पढऩे की औपचारिकता निभाएं। ईदगाह मैदान में हर साल हजारों लोग नमाज अदा करते थे, लेकिन इस बार ईदगाह मैदान में भी नमाज नहीं पढ़ी गई। वहीं मौदहापारा मस्जिद भी सूनी रहीं। वहीं बंजारी बाबा के दरगाह में सिर्फ दर्शन के लिए ही लोग जा सके। शहर-ए-काजी मौलाना मोहम्मद अली फारूकी ने बताया कि ईद पर सुबह 8.30 से 11.30 के बीच चाश्त की नमाज पढ़ी गई। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार के निर्देश के अनुसार मस्जिदों-दरगाहों में नमाज पढऩे की जगह लोगों से घर में ही नमाज अता करने को कहा गया था।
30वें रोजे का चांद दिखा : रमजान के 29वें रोजे पर शनिवार को चांद दिखाई नहीं दिया था। यदि चांद दिख जाता तो रविवार को ईद मनाई जाती। ऐसी मान्यता है कि 29वें रोजे पर चांद नहीं दिखता तो 30वां रोजा करके अगले दिन ईद मनाई जाती है। इस वजह से 30वें रोजे पर चांद देखने का उत्साह नहीं रहा, हालांकि रविवार को चांद दिखाई दिया और आज लोग ईद की एक-दूसरे को बधाई देते हुए जश्न मना रहे हैं।

रविवार को बंदिश के बावजूद खुलीं सेवई-मिठाई की दुकानें : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ईद के चलते टोटल लॉकडाउन में रियायत दी गई है. इस वजह से आज यानी रविवार को भी किराना, सेवई, मिठाई और फल दुकानों को खोलने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा दी गई. आपको बता दें कि टोटल लॉकडाउन के चलते रविवार को दुकानें खोलने पर प्रतिबंध था. लेकिन ईद के कारण आज ये प्रतिबंध हटाया गया है, जिसके बाद ये तमाम दुकानें खुल गई. रायपुर के बैजनाथपारा इलाके में लोगों को आदेश की जानकारी मिलते ही दुकानें खोल दी गई. हालांकि ज्यादा लोगों को इस आदेश की जानकारी नहीं होने की वजह से शुरुआत में कुछ ही दुकानें खोली गई।
राज्यपाल-सीएम ने प्रदेशवासियों को दी ईद की मुबारकबाद : राज्यपाल अनुसुईया उइके ने ईद-उल-फितर के अवसर पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद देते हुए राज्य के सभी नागरिकों के सुख, शांति एवं खुशहाली की कामना की है। राज्यपाल ने कहा कि ईद-उल-फितर का पर्व पवित्र महीना रमजान के माह भर के कठिन उपवास के बाद आता है और नेकी एवं भलाई करने का संदेश देता है। उन्होंने कामना की है कि ईद का पर्व सभी के जीवन में खुशियां एवं भाई-चारे लेकर आएगा तथा अमन-चैन, सौहार्द्र और एकता का संदेश देगा। राज्यपाल ने कहा कि इस अवसर पर मैं दुआ करती हूं कि देश और प्रदेश को जल्द कोरोना संक्रमण से मुक्ति मिले। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को मुबारकबाद देते हुए राज्य के सभी नागरिकों के सुख, शांति एवं खुशहाली की कामना की है। ईद उल-फ़ित्र या ईद उल-फितर मुस्लमान रमज़ान उल-मुबारक के एक महीने के बाद एक मज़हबी खुशी का त्यौहार मनाते हैं। जिसे ईद उल-फ़ित्र कहा जाता है। ये यक्म शवाल अल-मुकर्रम्म को मनाया जाता है।
ईद उल-फि़त्र इस्लामी कैलेण्डर के दसवें महीने शव्वाल के पहले दिन मनाया जाता है। पीसीसी चीफ और कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम ने ईद-उल-फितर के अवसर पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद देते हुए राज्य के सभी नागरिकों के सुख, शांति एवं खुशहाली की कामना की है। पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने ईद-उल-फितर के अवसर पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद देते हुए राज्य के सभी नागरिकों के सुख, शांति एवं खुशहाली की कामना की है।

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