मकर संक्रांति के दिन भूलकर भी ना करे ये 10 काम | जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को है। धार्मिक, ज्योतिष एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन स्नान, दान-पुण्य आदि का विशेष महत्व है। लेकिन इस दिन कुछ कार्यों को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। ये सावधानियां इस प्रकार हैं..

कुछ लोगों की आदत होती है वह बिना नहाए चाय आदि पीकर बिस्किट या कोई स्नैक्स खा लेते हैं। अगर आप उन लोगों में से हैं तो कम से कम मकर संक्रांति के दिन तो बिल्कुल भी ऐसा ना करें। इस दिन की मान्यता है कि गंगा या किसी अन्य नदी में स्नान और दान करके ही कुछ खाना चाहिए। अब अगर आप किसी नदी में नहीं नहा सकते तो कम से कम घर में तो इस दिन सबसे पहले नहाने का ही काम करें।

इस दिन की मान्यता है कि महिलाओं को इस दिन नहाना नहीं चाहिए। यही नहीं इस दिन महिलाओं को दांत ब्रश करने की भी मनाही है।

मकर संक्रांति के दिन लहसुन, प्याज, मांस और अंडा आदि ना खाएं।

संक्रांति के दिन किसी भी तरह के नशे के सेवन से बचना चाहिए। इस दिन आप भूलकर भी शराब, सिगरेट, गुटका आदि किसी भी तरह के नशे का सेवन ना करें। इस दिन आपको तिल, मूंग दाल की खिचड़ी व ऐसी चीजों का सेवन व दान करना चाहिए।

मकर संक्रांति के दिन कभी भी किसी भिखारी, साधु या बुजुर्ग या किसी अन्य याचक को घर से खाली हाथ ना जाने दें। आपसे जो कुछ हो सके उसके अनुसार ही उसे देकर विदा करें क्योंकि इस दिन दान का बहुत महत्व होता है। दान में तिल का कोई भी सामान हो तो और भी अच्छा होगा।

कर संक्रांति के दिन भूलकर भी गुस्सा नहीं करना चाहिए। इस दिन अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए और दूसरों से मधुर बोल ही बोलने चाहिए। वैसे तो ये आपके हर दिन की प्रैक्टिस होनी चाहिए कि आपकी बातों से किसी को ठेस ना पहुंचे  लेकिन संक्रांति के दिन तो इसका खास ख्याल रखना चाहिए।

मान्यता है कि इस दिन चाहे घर के अंदर हो या बाहर पेड़ों की कटाई या छंटाई नहीं करनी चाहिए। इसके लिए आप कोई भी और दिन चुन सकते हैं।

अगर आप सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो शाम के समय यानी सूरज ढलने के बाद इस दिन भोजन ना करें।

अगर आप गाय भैंस पालते हैं तो इस दिन हो सके तो गाय-भैंस ना दुहें।

मकर संक्रांति को प्रकृति से जुड़ा त्योहार माना जाता है ऐसे में इस दिन अगर फसल काटने की योजना हो तो उसे टाल दें।