कोरोना वायरस: वैज्ञानिकों ने अब खोजी नई तकनीक…आया खास इनहेलर…जाने सब कुछ

कोरोना वायरस के पूरी दुनिया में 55 लाख से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. वैज्ञानिकों ने इस महामारी का इलाज खोजने में दिन-रात एक कर दिए हैं, लेकिन इसकी वैक्सीन बनाने में अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई है. हालांकि वैज्ञानिकों ने अब एक नई तकनीक खोज निकाली है जो इस संकटकाल में राहत दे सकती है.

वैज्ञानिकों ने दरअसल एक ऐसा इनहेलर विकसित किया है जो किलर कोरोना के पहले लक्षण का मजबूती से सामना कर सकता है. वैज्ञानिक अब इस इनहेलर की फाइनल टेस्टिंग में जुट गए हैं.

कोविड-19 के मरीजों के लिए ब्रिटिश कंपनी सिनायर्जन द्वारा बनाए गई इस खास तकनीक का नाम SNG001 इनहेलर है. SG016 नाम के इस ट्रायल में 220 मरीज शामिल हैं, जिन्हें उनके लक्षण दिखने के बाद तीन दिन के भीतर इनहेलर दिया जाएगा.

सिनायर्जन के सीईओ रिचर्ड मार्डसन ने कहा कि SG016 ट्रायल के विस्तार से वे बेहद खुश हैं. इससे हम काफी जल्दी घरेलू एनवायरोमेंट में ही ड्रग को टेस्ट करने में कामयाब हो सकते हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमें इस ट्रायल से बड़ी उम्मीद है. यदि इस ट्रायल में सफलता मिली तो हम बीमारी के कारण फेफड़ों और रेस्पिरेटरी सिस्टम पर पड़ने वाले प्रभाव से शरीर को बचा पाएंगे.’

मार्डसन ने कहा का कि हॉस्पिटल एनवायरोमेंट में SG016 ट्रायल की प्रगति से भी वे काफी खुश हैं. इस दौरान 98 रोगियों को इसका डोज दिया गया. अब इसका टॉप लाइन डेटा जुलाई में जारी किया जाएगा.

इनहेलर एक प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रोटीन  जिसे इंटरफेरॉन बीटा (आईएफएन-बीटा) कहते हैं, सीधे फेफड़ों में उतारता है. एफएन-बीटा शरीर की एंटी-वायरल प्रतिक्रियाओं को टारगेट करता है. ये न सिर्फ सेल्स डैमेज होने से बचाता है, बल्क वायरस को नकल करने से भी रोकता है.

कंपनी का दावा है कि दुनियाभर में फैलती इस महामारी के बीच SNG001 इनहेलर एक बड़ा रोल अदा कर सकता है. उन्होंने कहा कि ट्रायल की कामयाबी के बाद ये इनहेलर पूरे ब्रिटेन में लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा.