CoA पर दोहरा रवैया अपनाने का लग रहा है आरोप सीईओ जौहरी और हार्दिक-राहुल केस में

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी के यौन उत्पीड़न मामले में दोषमुक्त होने का जिक्र करते हुए बोर्ड के पूर्व पदाधिकारियों ने वर्तमान व्यवस्था पर खिलाड़ियों से जुड़े मामले में दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। इस समूह के सदस्यों ने बीसीसीआई के कामकाज पर विचार विमर्श करने के लिए बैठक की और इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की। इस समूह में पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के वफादार जैसे कि अनिरूद्ध चौधरी और निरंजन शाह शामिल हैं। इसके अलावा इसमें 14 राज्य इकाईयों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। बोर्ड के पूर्व अधिकारियों का कहना है कि जैसा मापदंड बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी के ‘मीटू’ केस को निबटाने में अपनाया गया उसके विपरीत मानदंड हार्दिक और राहुल के केस में अपनाया जा रहा है। सीईओ जौहरी और हार्दिक-राहुल केस में CoA का दोहरा रवैया हार्दिक पंड्या और केएल राहुल को एक टीवी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए निलंबित करने के संदर्भ में उन्होंने बयान में कहा,सदस्यों ने खिलाड़ियों से जुड़े मामले से निबटने में दोहरा मानदंड अपनाने पर हैरानी जताई। इन खिलाड़ियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और उन्हें जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया।जबकि सीईओ राहुल जौहरी को निलंबित भी नहीं किया गया। उनसे जुड़े मामले से निबटने में जांच प्रक्रिया मनमानी थी और यह बीसीसीआई संविधान का उल्लंघन था।’ गौरतलब है कि ‘मीटू’ केस में बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी राहुल जौहरी को सीओए की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने क्लीन चिट दी गई थी। हालांकि,सीओए सदस्या डायना इडुल्जी ने इस फैसले पर ऐतराज जताया था।

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