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COVID-19

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आईसीएमआर के डायरेक्टर से संक्रमण रोकने की रणनीति पर चर्चा की

Janta se Rishta
26 July 2020 9:44 AM GMT
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आईसीएमआर के डायरेक्टर से संक्रमण रोकने की रणनीति पर चर्चा की
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कोरोना का कहर, प्लाज्मा थेरेपी से जांच की तैयारी

जसेरि रिपोर्टर
रायपुर। शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) नई दिल्ली के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर बलराम भार्गव से बात की। माना जा रहा है कि प्रदेश में बढ़ते मामलों को देखते हुए यह चर्चा अहम है। राज्य की राजधानी रायपुर में अब कोरोना संक्रमितों को घर पर रखकर ही उनका उपचार करने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर एस भारती दासन ने इस प्रयोग को पहले डॉक्टर्स पर आजमाने की सोची है। दुर्ग में एक दिन पहले ही इसकी शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रो. भार्गव से छत्तीसगढ़ में कोरोनावायरस के नियंत्रण को लेकर बात की। प्रोफेसर भार्गव को इसकी भी जानकारी दी गई कि राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए इलाज सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है। कोविड-19 टेस्टिंग की संख्या में बढ़ोत्तरी और संक्रमित मरीजों के प्लाज्मा थैरेपी से उपचार पर भी बातचीत हुई। चर्चा के बाद अब मुख्यमंत्री ने प्लाज्मा थैरेपी के संबंध में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह से कार्रवाई करने को कहा है।

इंडोर स्टेडियम में कोविड-19 अस्पताल शुरू, पहले दिन पहुंचे 19 मरीज : शहर में अब इंडोर स्टेडियम में अस्पताल बनाया गया है। मेकाहारा, माना, एम्स अस्पताल में बढ़ते संक्रमितों का दबाव देखते हुए इसे शुरू किया गया है। हालांकि इसकी तैयारी करीब एक महीने पहले ही कर ली गई थी। इस अस्थायी कोविड-19 अस्पताल में कोरोना मरीजों की भर्ती शनिवार से शुरू कर दी गई। पहले दिन 19 कोरोना पॉजीटिव यहां लाए गए। इस अस्पताल में मरीजों के मनोरंजन के लिए भी एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई है,जिसमें मोटिवेशनल मूवी व धारावाहिक प्रसारित होंगे।
अस्पताल में खास इंतेजाम : संक्रमितों के लिए यहां जिम उपकरण और लूडो, कैरमबोर्ड जैसे गेम्स का बंदोबस्त किया गया है। हॉस्पिटल में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों सहित भर्ती मरीजों के खाने-पीने की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की गई है। सभी मरीज़ों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराया गया है। इस किट में मरीजों को हैंड सेनेटाइजर, फेसशिल्ड, मास्क, साबुन, ब्रश, टूथ पेस्ट ,बोतल बंद पानी जैसी चीजें हैं। नगर निगम का एक बड़ा अमला हॉस्पिटल में तैनात किया गया है, जो समय-समय पर पीपीकिट पहनकर परिसर सहित हॉस्पिटल के अंदर सेनेटीजेशन और साफ-सफाई का काम कर रहा है। जि़ला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे विभिन्न पालियों में डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, जो 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की मदद से हर मरीज के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। नगर निगम रायपुर ने अपने विशेष दस्ते को इस काम में तैनात किया है। कलेक्टर ने जिला स्तर के कई अधिकारियों की भी ड्यूटी इस सेंटर में लगाई है। शनिवार को शहर के मुख्य इलाकों में नगर निगम के अमले ने सैनिटाइजेशन का काम भी किया। गाडिय़ों का काफिला सैनिटाइजर और कीटनाशक छिड़कते हुए आगे बढ़ता रहा। इसे अब लॉकडाउन के दौरान सभी इलाकों में किया जाएगा।
घर पर इलाज के लिए अलग रूम और शौचालय जरूरी : कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने बताया कि रायपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को देखते हुए प्रशासन ने होम आइसोलेशन करने की अनुमति दे दी है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होम आइसोलेशन की प्रक्रिया पहले डॉक्टरों पर लागू की जाएगी। यह सफल होने पर कोरोना पॉजिटिव पाए गए कैटेगरी सी के मरीजों को होम आइसोलेशन करने की अनुमति प्रदान की जा सकती है। मरीज के परिजनों और पड़ोसियों की भी समुचित काउंसलिंग की जाएगी। होम आइसोलेशन के लिए जरूरी है कि मरीज के घर में अलग हवादार कमरा और शौचालय हो। होम आइसोलेशन की संपूर्ण अवधि के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी प्रतिदिन मरीज और उनके अटेंडेंट से फोन के माध्यम से संपर्क में रहेंगे।
गंभीर लक्षण मिलने पर अस्पताल में होंगे रेफर : मरीज को सांस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द या दबाव हो या चेहरे का नीला पडऩा, आल्टर्ड सेंसोरियम जैसे गंभीर लक्षण होने पर उन्हें तत्काल समीपस्थ डेडिकेटेड हॉस्पिटल में पहुंचाने की व्यवस्था प्रशासन करेगा। स्थानीय स्तर पर निगरानी दलों की व्यवस्था की जाएगी। यदि मरीज की ओर से आइसोलेशन प्रोटोकोल के किसी भी निर्देश की अवहेलना की जाती है तो उन्हें तत्काल केयर सेंटर में शिफ्ट कर दिए जाएगा। एकेडमी के संबंधित प्रावधानों के तहत उन पर कार्यवाही भी की जा सकती है।
कोरोना मरीजों के लिए वाहनों की संख्या बढ़ाई : जिले में बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए वाहनों की संख्या बढ़ाई गई है। कोरोना संक्रमितों को अस्पताल पहुंचाने, इलाज बाद स्वस्थ्य व्यक्तियों को घर तक पहुंचाने और प्राथमिक रूप से कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए व्यक्तियों को क्वारंटाइन सेंटर तक पहुंचाने के लिए वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। पहले से उपलब्ध रायपुर एम्बुलेंस सर्विस की 6 बस, 108 के 5 वाहनों के अतिरिक्त अब छत्तीसगढ़ एम्बुलेंस सेवा संघ की 10 तथा 25 अन्य बसों की व्यवस्था मरीजों के परिवहन के लिए की गई है। जिले में कोरोना संक्रमितों को अब अस्पताल तक पहुंचाने में देरी नहीं होगी। शहर के सभी जोन में एक बस और एक एम्बुलेंस, बिरगांव को चार बस तथा एम्स, मेकाहारा, माना हॉस्पिटल, लालपुर हॉस्पिटल और इंडोर स्टेडियम हॉस्पिटल से स्वस्थ्य मरीजों को घर तक पहुंचाने के लिए अलग से चार बसों की व्यवस्था की गई है।

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