छत्तीसगढ़: सरकारी कार्यालय में ईमानदारी बनी बाधक…स्वार्थी तत्वों पर प्रताडऩा का आरोप…महिला अधिकारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट

जसेरि रिपोर्टर। रायपुर। 4 मई को सरकारी कार्यालय खुलने की घोषणा के साथ सरकार ने 30 प्रतिशत की उपस्थित के निर्देश जारी किए थे, जिसको लेकर हाउसिंग बोर्ड एम्पलाइज फेडरेशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र प्रेषित कर कम उपस्थिति में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ दुव्र्यवहार की घटनाएं बढ़ेंगी, इसलिए महिलाओं को समूह में कार्यालय बुलाने की अपील की थी। फेडरेशन अध्यक्ष विक्रम सिंह यादव के सीएम को पत्र भेजने के दो दिन बाद ही महिला एवं बाल विकास विभाग में महिला अधिकारी के साथ दुव्र्यवहार का मामला प्रकाश में आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत राजपत्रित महिला अधिकारी ने राजेंद्र नगर थाना में अश्लील एवं अभद्र भाषा युक्त पत्र प्रेषित करने तथा मानसिक प्रताडऩा के संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है।

महिला अधिकारी पिछले 25 वर्षों से विभाग में कार्यरत है व आशंका जताई है कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से कार्य संपादन करने के कारण जिन व्यक्तियों के निहित स्वार्थपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है, इस अपराधिक कृत्य के पीछे उनका ही हाथ हो सकता है। महिला ने खुद की जान को खतरा बताते हुए अस्मिता का भी खतरा बताया है। मिली जानकारी के अनुसार महिला अधिकारी को नवंबर 2019 से डाक के माध्यम से उनके कार्यालय व निवास के पते पर लगातार अश्लील व अभद्र भाषा युक्त पत्र मिल रहे हैं। कभी पति के नाम पर तो कभी खुद के नाम पर डाक आता है जिस पर चरित्र पर टिप्पणी के साथ-साथ अश्लील चित्र भी संलग्न रहती है। महिला अधिकारी के अनुसार मंत्रालय में भी पूर्व में ऐसी शिकायतें उनके खिलाफ की गई है जिसमें उनके चरित्र हनन का आशय अंकित था। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 292, 507 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच में जुट गई है।

दुव्र्यवहार ना हो इसलिए फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र

हाउसिंग बोर्ड एम्पलाइज फेडरेशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि लॉकडाउन के दौरान कार्यालयों में महिलाओं को समूह में बुलाया जाए। उसके बाद अन्य विभाग में भी महिला सुरक्षा को लकेर मांग उठने लगी है। प्रदेशभर में जिसने भी सरकारी कार्यालय, निगम, मंडलों के रहे है उनमें से सबसे कुख्यात हाउसिंग बोर्ड रहा है, दूसरे स्थान पर पर्यटन मंडल और तीसरे स्थान पर संस्कृति विभाग रहा है। जहां महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार की घटनाएं हुई जिसकी शिकायत भी समय -समय पर होती रही है। लॉकडाउन में सामान्य दिनों की अपेक्षा कर्मचारियों की उपस्थिति कम होने से मनचले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मनचाही मुराद साबित होगी।