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COVID-19

सावधान! कोरोना पॉजिटिव मरीज के आंसू से भी फैल सकता है वायरस...देश में ऐसे किया गया शोध...जाने डॉक्टर ने क्या कहा

Janta se Rishta
5 Sep 2020 11:13 AM GMT
सावधान! कोरोना पॉजिटिव मरीज के आंसू से भी फैल सकता है वायरस...देश में ऐसे किया गया शोध...जाने डॉक्टर ने क्या कहा
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कोरोना वायरस महामारी को लेकर दिन-प्रतिदिन नई जानकारी सामने आती रहती हैं। इस महामारी का फैलने का सबसे बड़ा कारण खांसते या छींकते समय मुंह से निकलने वाले बूंदों से फैलता था। लेकिन एक नए शोध में सामने आया कि आंसुओं के द्वारा भी कोरोना फैल सकता है। इस रिसर्च में 24 फीसदी मरीजों को आंसुओं में भी कोरोना पाया गया। इस पूरे शोध को मेडिकल जर्नल ऑप्थेल्मोलॉजी में प्रकाशित किया गया है।

यह रिसर्च मौलाना आजाद मेडिकल के माइक्रोबायोलॉजी और गुरु नानक नेत्र केंद्र के डॉक्टरों ने की है। डॉक्टरों ने अपने शोध में 75 कोरोना संक्रमित मरीजों पर शोध किया। जिनकी उम्र 18 से 81 साल के बीच थी। जिसमें से 41 पुरुष और 34 महिलाएं शामिल है।

इस शोध में 3 तरह के लोग शामिल है। पहली श्रेणी में ऐसे मरीज लिए गए जो काफी गंभीर अवस्था में थे। इन लोगों को सांस लेने की गति 30 से अधिक प्रति मिनट थी। इसके साथ ही ऑक्सीजन का लेवल 90 से काम था। वहीं दूसरी श्रेणी में ऐसे मरीजों को लिया गया जो थोड़े कम गंभीर थे। इन लोगों को बुखार, सांस लेने में समस्या, बुखार जैसे लक्षण नजर आ रहे थे। वहीं तीसरी श्रेणी में ऐसे मरीज शामिल किए गए थे जिन्हें पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां थी।

इस तरह किया गया शोध

इन 75 संक्रमित मरीजों की कोरोना जांच के बाद आंखों से अलग-अलग तीन तरह से 225 सैंपल लिए गए। जिसके बाद इन्हें माइक्रोबायोलॉजी लैक के आरटीपीसीआर में चेक किया गया। इस जांच में 12 फीसदी सैंपल की रिर्पोट पॉजिटिव आई। वहीं पूरे मरीजों में 24 फीसदी मरीजों के आंसू में भी कोरोना वायरस पाया गया।

डॉक्टरों से बताया कैसे आंसुओं के द्वारा फैल सकता है कोरोना

गुरु नानक नेत्र केंद्र के प्रोफेसर डॉ रुचि गोयल ने इस रिसर्च के बारे में बताते हुए कहा कि हमने यह रिसर्च सिर्फ उन मरीजों में कि जो काफी गंभीर अवस्था में है। इन लोगों से आंसुओं के द्वारा संक्रमण फैलने का खतरा सबसे अधिक है। अगर इस तरह के संक्रमित व्यक्ति होम आइसोलेशन में रहते हैं तो वह आंसू पोंछने के बाद अगर वह किसी चीज को छूता है तो आसानी से वायरस वहां पर भी हो सकते हैं। ऐसे में मरीज को फेस मास्क का हमेशा इस्तेमाल करना चाहिए।

वहीं डॉ रितु अरोड़ा का इस शोध को लेकर कहना है कि जिन लोगों को कोरना वायरस का संक्रमण हल्का हैं तो उनके आंसुओं द्वारा फैलने का खतरा काफी कम है।

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