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COVID-19

कोरोना वैक्सीन पर भारत बायोटेक कंपनी का बड़ा ऐलान- जल्द बनाएगी 1 अरब डोज

Janta se Rishta
23 Sep 2020 1:10 PM GMT
कोरोना वैक्सीन पर भारत बायोटेक कंपनी का बड़ा ऐलान- जल्द बनाएगी 1 अरब डोज
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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। हैदराबाद। दुनियाभर में कोरोना वायरस से अब तक तीन करोड़ 18 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि इससे नौ लाख 75 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि इसके लिए दुनियाभर में वैक्सीन बनाने का काम चल रहा है, जिसमें भारत भी शामिल है। यहां भी कोरोना की तीन-तीन वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं और अब भारत बायोटेक कंपनी ने वैक्सीन के लिए सेंट लुइस में वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन के साथ एक लाइसेंसिंग समझौता किया है।

दरअसल भारतीय कंपनी भारत बायोटेक ने बुधवार को ऐलान किया है कि वह कोरोना वायरस की इंट्रानैसल वैक्‍सीन की करीब 1 अरब डोज बना सकती है। कंपनी का कहना है कि वह कोरोना वायरस की वैक्‍सीन की डोज अमेरिका के मिसूरी में स्थित वाशिंगटन स्‍कूल ऑफ मेडिसिन के साथ मिलकर तैयार करेगी। माना जा रहा है कि इससे वैक्‍सीन की उपलब्‍धता और कीमत को लेकर कुछ हल निकल सकता है।

भारत बायोटेक के पास अमेरिका, जापान और यूरोप को छोड़कर कोरोना वायरस की इस वैक्‍सीन को अन्‍य सभी बाजारों में वितरित करने का अधिकार है। कंपनी जिसने नोवल चिम्प-एडेनोवायरस कैंडिडेट के लिए विश्वविद्यालय के साथ लाइसेंसिंग समझौता किया है। पहले चरण के तहत सेंट लुइस यनिवर्सिटी की ट्रीटमेंट एवैलुएशन यूनिट और मिसूरी में ह्यूमन ट्रायल होगा। कंपनी ने कहा है कि भारत बायोटेक को भारत में आगे के चरण के क्‍लीनिकल ट्रायल करने के लिए अपेक्षित नियामक स्‍वीकृति की भी जरूरत है। भारत बायोटेक हैदराबाद के जीनोम वैली में स्थित अपनी यूनिट में कोरोना वैक्सीन का बड़े पैमाने पर निर्माण का कार्य भी करेगी।

एडेनोवायरस वैक्‍सीन मूल रूप से वो टीके होते हैं जो शरीर में कोशिकाओं के लिए एक कोड ले जाने के लिए आनुवांशिक रूप से संशोधित वायरस का उपयोग करते हैं। यह SARS-COV-2 वायरस की बाहरी बाहरी परत (स्पाइक प्रोटीन) का उत्‍पादन करने में मदद करते हैं। इससे शरीर को इस स्पाइक प्रोटीन को एक विदेशी पदार्थ के रूप में पहचानने और इसके खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली बनाने में मदद करने की उम्मीद है ताकि यह संक्रमित होने पर असली वायरस से निपट सके।

भारत बायोटेक ने पहले फेज में 12 शहरों में वैक्सीन के ट्रायल किए। इस दौरान इसमें 375 लोगों ने हिस्सा लिया। बता दें कि भारत में इस वक्त तीन वैक्सीन पर काम चल रहा है। गुजरात की कंपनी जायडस कैडिला हेल्थ केयर लिमिटेड और सीरम इंस्टिट्यूट पूणे दूसरे दौर का क्लीनकल ट्रायल पहले ही शुरू कर चुकी है। सीरम इंस्टिट्यूट ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से तैयार किए जा रहे वैक्सीन की ट्रायल भारत में कर रहा है

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