AUSvsIND:भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में विश्व कप की अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने की कोशिश

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- टेस्ट में सफलता के बाद गैरजरूरी विवाद का सामना कर रही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में विश्व कप की अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने की कोशिश करेगी। पहला मुकाबला 12 जनवरी को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। यह मैच भारतीय समयानुसार सुबह सात बजकर 50 मिनट पर शुरू होगा। और इसका टीवी पर प्रसारण सोनी नेटवर्क के स्पोर्ट्स चैनल्स पर होगा। हार्दिक पंड्या और लोकेश राहुल की एक टीवी शो के दौरान महिलाओं के प्रति अनुचित टिप्पणी से भारतीय टीम का ध्यान भंग हुआ होगा। बीसीसीआई ने शुक्रवार को महिलाओं पर गई अनुचित टिप्पणियों के मामले में हार्दिक पंड्या और लोकेश राहुल को जांच लंबित होने तक निलंबित कर दिया जिससे वह पूरी श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। इस विवाद से पहले पंड्या का अंतिम एकादश में खेलना लगभग तय माना जा रहा था लेकिन राहुल शनिवार को खेलने की दौड़ में नहीं थे। कप्तान विराट कोहली ने टीम के दोनों साथियों की टिप्पणी की निंदा करते हुए इन्हें अनुचित बताया।

हार्दिक की गैरमौजूदगी में जडेजा निभाएंगे ऑलराउंडर की भूमिका   
राहुल की खराब फॉर्म और एकदिवसीय प्रारूप में रोहित शर्मा और शिखर धवन की स्थापित जोड़ी को देखते हुए इस बल्लेबाज को अंतिम एकादश में मौका मिलने की संभावना नहीं थी। बड़ा सवाल हालांकि पंड्या की गैरमौजूदगी को लेकर है क्योंकि यह आलराउंडर 10 ओवर गेंदबाजी करने के अलावा मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने की अपनी क्षमता से टीम को अहम संतुलन मुहैया कराता है। पंड्या की गैरमौजूदगी का मतलब है कि भारत को अपने गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव करना होगा। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पहले ही मौजूदा श्रृंखला और न्यूजीलैंड दौरे से आराम दिया जा चुका है। इससे टीम प्रबंधन को अपने गेंदबाजी आक्रमण के साथ आखिरी प्रयोग का मौका मिलेगा। भुवनेश्वर कुमार का खेलना लगभग तय है और यह कोहली पर निर्भर करता है कि पंड्या की गैरमौजूदगी में वह तीन तेज गेंदबाजों के आक्रमण के साथ उतरते हैं या नहीं।

बुमराह की गौरमौजूदगी में खलील अहमद को मिलेगा मौका ऐसी स्थिति में मोहम्मद शमी और खलील अहमद को अंतिम एकादश में मौका मिल सकता है क्योंकि विश्व कप के लिए भारत इसी चौकड़ी को बरकरार रखने का प्रयास कर रहा है। एससीजी की पिच पर हल्की घास देखी जा सकती है और इससे भारतीय कप्तान तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर के आक्रमण के साथ उतर सकते हैं। विराट कोहली ने साथ ही कहा है कि पंड्या की गैरमौजूदगी में रविंद्र जडेजा ऑलराउंडर की भूमिका निभा सकते हैं। ऐसी स्थिति में जडेजा बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव के साथ स्पिन आक्रमण का हिस्सा होंगे जबकि जरूरत पड़ने पर केदार जाधव कामचलाऊ गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। दोनों सलामी बल्लेबाजों के बाद कोहली तीसरे नंबर पर उतरेंगे। जाधव,महेंद्र सिंह धौनी और अंबाती रायुडू मध्यक्रम क्रम का हिस्सा हो सकते हैं। इस श्रृंखला में धौनी और रायुडू की फॉर्म पर विशेष रूप से नजर रहेगी।

महेंद्र सिंह धौनी के प्रदर्शन पर रहेंगी चयनकर्ताओं की निगाहें महेंद्र सिंह धौनी 2018 में खराब फॉर्म से जूझते रहे और इस दौरान 20 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 25 की औसत से 275 रन ही बना सके। यह विकेटकीपर बल्लेबाज इस दौरान एक भी अर्धशतक नहीं जड़ पाया। उनका स्ट्राइक रेट भी 71.42 रहा जो 87.89 के उनके करियर स्ट्राइक रेट से काफी कम है। भारत चौथे नंबर की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए अंबाती रायुडू को आजमा रहा है और पिछले साल सितंबर में एशिया कप से उन्हें पर्याप्त मौके दे रहा है। इस दौरान रायुडू ने एशिया कप और वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में 11 एकदिवसीय मैचों में एक शतक और तीन अर्धशतक की बदौलत 56 की औसत से 392 रन बनाए हैं। इस स्थान के लिए अन्य दावेदारों की तुलना में रायुडू के प्रदर्शन में अधिक निरंतरता देखने को मिली है लेकिन उन्होंने जिन परिस्थितियों में प्रदर्शन किया है वे इंग्लैंड के हालात से काफी अलग हैं

अंबाती रायुडू के पास नंबर 4 पर दावेदारी पेश करने का मौका रायुडू ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड दौरे पर कैसा प्रदर्शन करते हैं इससे तय होगा कि भारत चौथे नंबर की पहेली का हल खोजने में सफल रहा है या नहीं। भारत को ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे पर भी जनवरी 2016 में एकदिवसीय श्रृंखला में इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा था और तब धौनी की अगुआई में भारतीय टीम को 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने तब पांच मैचों की श्रृंखला में क्रमश: 441 और 381 रन बनाए थे जबकि धवन ने 287 रन बटोरे थे। मध्यक्रम हालांकि उपयोगी योगदान देने में नाकाम रहा था और मनीष पांडे के अंतिम एकदिवसीय मैच में जुझारू शतक की बदौलत ही भारतीय टीम 5-0 से क्लीनस्वीप से बचने में सफल रही थी। ऑस्ट्रेलिया में भारत का एकदिवसीय रिकॉर्ड काफी खराब है। विश्व चैंपियनशिप 1985 और सीबी सीरीज 2008 की जीत के अलावा भारत को  ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी सरजमीं पर 48 में से 35 एकदिवसीय मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

ऑस्ट्रेलियाई टीम की गेंदबाजी अनुभवहीन, बल्लेबाजों पर भरोसा भारत को हालांकि डेविड वार्नर (2016 की श्रृंखला में तीन मैचों में 220 रन) और स्टीव स्मिथ (2016 में पांच मैचों में 315 रन) की गैरमौजूदगी का फायदा मिल सकता है। जबकि मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की तेज गेंदबाजी तिकड़ी को भी इस श्रृंखला से आराम दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया ने पहले वनडे से पूर्व अपनी अंतिम एकादश की घोषणा कर दी है जिसमें नाथन लॉयन को एकमात्र स्पिनर के रूप में जगह मिली है जबकि पीटर सिडल 2010 के बाद पहली बार इस प्रारूप में वापसी करेंगे। विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार पारी का आगाज करेंगे। वह कप्तान आरोन फिंच के साथ सलामी जोड़ी बनाएंगे। मध्यक्रम में उस्मान ख्वाजा, शान मार्श और पीटर हैंड्सकोंब को जगह मिली है। मेजबान टीम का बल्लेबाजी क्रम लंबा है। मार्कस स्टोइनिस और ग्लेन मैक्सवेल क्रमश: छठे और सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जेसन बेहरेनडोर्फ को पदार्पण का मौका मिलेगा।

टीमें इस प्रकार हैं: भारत: विराट कोहली (कप्तान),रोहित शर्मा,शिखर धवन,रायुडू,दिनेश कार्तिक,केदार जाधव,महेंद्र सिंह धौनी,कुलदीप यादव,युजवेंद्र चहल,रविंद्र जडेजा,भुवनेश्वर कुमार,खलीलअहमद, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज में से। ऑस्ट्रेलिया (अंतिम एकादश): आरोन फिंच (कप्तान),एलेक्स कैरी,उस्मान ख्वाजा,शान मार्श,पीटर हैंड्सकोंब मार्कस स्टोइनिस,ग्लेन मैक्सवेल,नाथन लियोन,पीटर सिडल,झाय रिचर्डसन और जेसन बेहरेनडोर्फ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here