गजब: छात्र- छात्रा को निबंध लिखने को कहा गया….एक ने पेपर खाली छोड़ दिया…फिर भी मिले 100 प्रतिशत… जानें- कैसे?

क्या कभी ऐसा हुआ है कि किसी छात्र- छात्रा ने खाली पेपर दे दिया हो और उसे पूरे मार्क्स दे दिए गए हो. शायद नहीं.  लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जापान की एक छात्रा Eimi Haga के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ है. जहां उन्हें असाइनमेंट में एक निबंध लिखने को कहा गया और उन्होंने पेपर खाली छोड़ दिया. यही नहीं उन्हें 100 प्रतिशत अंक भी मिले.  जानें- कैसे?

जापान में Mie University में दाखिला लेने के बाद, फर्स्ट ईयर की छात्रा एमी हागा ने निंजा इतिहास में एक कक्षा ली. जिसके बाद उनकी क्लास को Igaryu के निंजा म्यूजिम ले जाया गया. बाद में टीचर ने कहा कि सभी छात्र म्यूजियम की यात्रा और अपने अनुभव के बारे में लिखे. इसी के साथ टीचर ने कहा कि जो भी छात्र अपना निंबध क्रिएटिव तरीके से लिखेगा उसे हाई मार्क्स मिलेंगे.

इस पर एमी हागा ने को एक आइडिया सूझा. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार एमी ने कहा मैंने फैसला किया कि मेरा निबंध दूसरों से बिल्कुल अलग होगा. जिसके लिए उन्होंने एक तकनीक इस्तेमाल किया. ये तकनीक थी “अबुर्दशी”

सबसे पहले आपको बता दें, अबुर्दशी जापान की प्राचीन तकनीक है जिसके जरिए लोग एक-दूसरे से गुप्त संदेशों का आदान-प्रदान करते थे. इस तकनीक से लिखे जाने वाले संदेश तब तक दिखाई नहीं देते थे जब तक कि उस कागज को आग के ऊपर न रखा जाए. जैसे ही कागज को आग पर रखा जाएगा, शब्द उभर कर आएंगे. जिसके बाद कागज पर लिखे गए शब्दों को पढ़ा जा सकता है.
एमी हागा ने अपने निबंध को लिखने के लिए इसी तकनीक का इस्तेमाल किया था. जिसकी वजह से उन्हें फुल मार्क्स मिले. आप कह सकते हैं टीचर को उनका अंदाज इतना पसंद आया कि उन्हें 100 प्रतिशत अंक मिले. इसी के साथ उनके क्रिएटिव माइंड की भी सराहना की गई.
आपको बता दें, अबुर्दशी तकनीक का इस्तेमाल करना एमी के लिए आसान नहीं था. इस तकनीक से लिखने के लिए उन्हें 1 दिन पहले तैयारी करनी पड़ी थी.
19 साल की एमी ने अबुर्दशी तकनीक के इस्तेमाल के लिए पहले स्याही तैयारी की,  जिसे तैयार करना मुश्किल प्रक्रिया है.

 

दरअसल उन्होंने स्याही बनाने के लिए रात भर सोयाबीन को भिगोया. इसके बाद सुबह उसे सही से कपड़े में सही से निचोड़कर निकले रस को पानी में मिलाकर 2 घंटे तक रखा ताकि स्याही लिखने लायक बन जाए. फिर “वशी” (पतला जापानी पेपर) पर एक बढ़िया ब्रश से अपना निबंध लिखना शुरू किया. लिखते वक्त जैसे ही शब्द सूख जाते हैं तो वह अदृश्य हो जाते हैं.

एमी जानती थी कि टीचर खाली पेपर देखेंगी तो उन्हें कुछ समझ नहीं आएगा और शायद ये सोच बैठे कि पेपर में कुछ लिखा ही नहीं है.  ऐसे में उन्होंने पेपर के साथ नॉर्मल स्याही में एक नोट छोड़ दिया और कहा कि “कागज को गर्म करें.”
प्रोफेसर युजी यामादा ने बीबीसी को बताया कि जब उन्होंने निबंध देखा तो वह “हैरान” थे. उन्होंने कहा, “मैंने ऐसी रिपोर्ट्स कोड में लिखी देखी थीं, लेकिन कभी भी किसी को अबुर्दशी तकनीक में ऐसा करते नहीं देखा.” मुझे संदेह था कि शब्द स्पष्ट रूप से सामने आएंगे या नहीं. लेकिन जब मैंने वास्तव में अपने घर में गैस स्टोव के ऊपर कागज को गर्म किया, तो शब्द बहुत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं. मेरे मुंह से निकला ‘Well done’.

एमी की क्रिएटिव तरीके से निबंध लिखने के बाद मैंने उसे फुल मार्क्स देने में संकोच नहीं किया. उन्होंने कहा मैंने निबंध को बहुत अंत तक नहीं पढ़ा, क्योंकि मुझे लगा कि मुझे कुछ कागजों को बिना गर्म किए छोड़ देना चाहिए, अगर मीडिया किसी तरह यह पता लगाना चाहे तो वह सच्चाई जान सकते हैं.

निबंध के लिए ही, हागा ने कहा “मुझे विश्वास था कि प्रोफेसर क्रिएटिव निबंध लिखने के लिए मेरे प्रयासों को पहचानेंगे. इसलिए मैं अपने निबंध के लिए एक खराब मार्क्स हासिल करने बारे में नहीं सोच रही थी. इसी के साथ उन्होंने कहा हालांकि लिखे गए कंटेंट में कुछ खास नहीं था. बस नंबर क्रिएटिविटी के मिले हैं.

टीचर ने कहा- पेपर में हो क्रिएटिविटी, लड़की ने छोड़ा 'खाली', मिले 100%