नागरिकता कानून के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रों का हंगामा, यूनिवर्सिटी 5 जनवरी तक बंद करने का आदेश । जनता से रिश्ता

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क।  अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करते हुए कैंपस के गेट पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिस के साथ झड़प हुई. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. एएमयू के छात्रों ने यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया के पास हुए विरोध प्रदर्शन के तुरंत बाद किया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यूनिवर्सिटी को 5 जनवरी 2020 तक बंद करने का आदेश दिया है.

मिली जानकारी के मुताबिक, थाना सिविल लाइन के एएमयू कैंपस के छात्रों ने बाबे सर सैयद गेट पर इकट्ठा होना शुरू कर दिया और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कानून और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की. वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय के बाबे सर सैयद गेट पर एकत्र हुए और जगह-जगह लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ डाली और पथराव किया. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया.

दिल्ली के जामिया विश्वविद्यालय में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प की खबरें मिलने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में भी तनाव बढ़ने लगा था.एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर अफीफ उल्लाह खान ने बताया कि बाबे सर सैयद गेट पर हुए पथराव में कुछ सुरक्षाकर्मियों को चोटें आई हैं. पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल होने के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं.

इस बीच विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद ने बताया कि मौजूदा हालात के मद्देनजर विश्वविद्यालय को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है और तमाम छात्रावास खाली कराए जा रहे हैं.