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मारकंडा नदी के पानी की शाहाबाद के बाद... इस्माईलबाद के गांव में भी कहर...

Janta se Rishta
21 Aug 2020 3:45 PM GMT
मारकंडा नदी के पानी की शाहाबाद के बाद... इस्माईलबाद के गांव में भी कहर...
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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कुरुक्षेत्र। शाहाबाद क्षेत्र के बाद इस्माईलाबाद कई गांव मारकंडा नदी की चपेट में आ गए हैं। यहां की सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो चुकी है और किसानों को पशुओं के चारे की दिक्कत खड़ी हो गई है। जहां बुधवार रात को शाहाबाद क्षेत्र में मारकंडा नदी का पानी 19 हजार क्यूसेक बह रहा था। वहीं वीरवार को शाहाबाद में 15 हजार क्यूसेक और इस्माईलाबाद में 9600 क्यूसेक पानी चल रहा था। हालांकि यह भी खतरे के निशान से ऊपर था। मारकंडा नदी का जल स्तर तटबंधों के किनारों को छू कर चल रहा है। कल से जल स्तर लगातार बढ़ने के कारण गांव झांसा, रोहटी, ठसका मीरांजी, जलबेहड़ा, नैसी, तंगोली, जैतपुरा, बालापुर, जंधेड़ी, दानीपुर, जखवाला आदि कई गांवों के किसानों व डेरावासियों में भय का माहौल बना हुआ है। गांव झांसा के किसान अजय, राजवीर, सुखराज, रामकुमार, गुरमेल सिंह, कुलविंद्र आदि ने बताया कि मारकंडा नदी का पानी तटबंधों को छू कर चल रहा है। कल से जल स्तर बढ़ने के कारण मारकंडा नदी का पानी ओवर फ्लो होकर किसानों के खेतों में भी घूस गया है, जिससे धान की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। किसानों ने कहा कि मारकंडा नदी में आया उफान क्षेत्र के किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि मारकंडा नदी का जल पहले भी कई गांवों सैंकड़ों किसानों की धान की फसल को अपनी चपेट में ले चुका है। बताया कि विभाग द्वारा समय रहते मारकंडा नदी की सफाई नहीं की गई। इसी के चलते केवल 9500 क्यूसेक पानी ही मारकंडा नदी के तटबंधों को छू रहा है तथा कई स्थानों पर ओवर फ्लो होकर पानी खेतों में भी घूस गया है। अगर समय रहते सफाई की गई होती तो पानी आसानी से आगे चला जाता है।

मारकंडा नदी की बाढ़ से ये गांव होते हैं प्रभावित : मारकंडा नदी में आए उफान के बाद बाढ़ का रूप धारण कर मारकंडा नदी का जल गांव झांसा, रोहटी, ठसका मीरांजी, जलबेहड़ा, नैसी, मढाडो, जैतपुरा, जंधेड़ी, बालापुर, जंधेडी, दानीपुर, तंगोली, जखवाला आदि कई गांवों सैंकडों एकड़ धान की फसल को अपनी चपेट में ले लेता है। मारकंडा नदी का बढ़ता जल स्तर इन गांवों के किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

बढ़ता जल स्तर : गांव झांसा में तैनात गेज रीडर योगेश कुमार के अनुसार बुधवार सुबह मारकंडा नदी में 8643 क्यूसेक पानी चल रहा था। रात्रि नौ बजे बढ़कर 9209 क्यूसेक हो गया। वीरवार सुबह 9435 क्यूसेक तथा दोपहर दो बजे 9661 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है।

क्या कहते हैं नहरी विभाग के एसडीओ : नहरी विभाग के एसडीओ विनोद कुमार ने कहा कि इस मारकंडा नदी में करीब 9600 क्यूसेक पानी बह रहा है। जो खतरे के निशान से ऊपर है। पानी को कम करने के लिए करीब 300 क्यूसेक पानी एसआईएल नहर में छोड़ गया है। ताकि पानी मारकंडा नदी के तटबंधों से ओवर फ्लो न हो। बताया कि नहरी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मारकंडा नदी के तटबंधों व मारकंडा नदी के जल स्तर पर लगाकर नजर बनाए हुए है। किसानों और डेरावासियों को घबराने की जरूरत नहीं है। नहरी विभाग हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

शाहाबाद में कई गांव की फसल डूबी, पशुओं का चारा समाप्त : शाहाबाद में पिछले तीन दिनों से मारकंडा नदी में आ रहा बरसात का पानी का जलस्तर देर रात को 19 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया और वीरवार सुबह पानी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया तथा समाचार लिखे जाने तक मारकंडा नदी में 15 हजार क्यूसेक पानी बह रहा था। बाढ़ के पानी ने अनेक गांवों व बस्तियों में मार की है तथा फसलें पूरी तरह से जलमग्र हो गई हैं तथा पशुओं का चारा तो बिलकुल समाप्त हो गया है। गांव पट्टी झामड़ा के कुलदीप सिंह चीमा ने कहा कि अरूप नगर, दयाल नगर, फौजा सिंह कालोनी, गुमटी और मलिकपुर में करीब 450 एकड़ खेत बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। इसी के साथ गांव कठवा में भी सड़कों पर पानी बह रहा है तथा आंगनबाड़ी और सरकारी स्कूल में पानी भर गया है। गेज रीडर रोशन लाल ने बताया कि अब पानी उतरना शुरू हो गया है लेकिन आज रात को पहाड़ों पर भारी बरसात की चेतावनी दी गई है जिससे दोबारा पानी आने की संभावना है। दूसरी ओर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में कई दिनों से हो रही तेज वर्षा के कारण मारकंडा नदी में जलस्तर बढ़ गया है। मारकंडा क्षेत्र में मारकंडा नदी के पास जल की स्थिति कंट्रोल में है। अधिकारियों की गठित टीम में 24 घंटे मारकंडा नदी के जल स्तर पर नजर रखे हुए हैं। मारकंडा नदी का पानी गांव कलसाना, मलिकपुर, गुमटी, कठवा, मुगलमाजरा के इलाकों में मार करता है और फसलों को नुकसान पहुंचाता है। मारकंडा नदी में पहाड़ों के पानी के साथ-साथ काला अंब व सढोरा नदी तथा वेघना नदी का भी पानी पहुंचता है। हर वर्ष इस बरसाती पानी की मार गांव अरुप नगर, गुमटी, दयाल नगर, मुगलमाजरा, मदनपुर और मोहनपुर आदि गांवों को सहनी पड़ती है। हालांकि पिछले कई दिनों से पानी के आने का क्रम जारी है और यह पानी लोगों के खेतों, कठवा गांव की गलियों आदि में मार कर चुका है।

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