9 प्रकार की भूख के बारे में जानते हो आप

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :    हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि भूख लगना एक अच्छी बात होती है. इससे हमारे शरीर के स्वस्थ होने का पता चलता है, लेकिन अगर आप लगातार खाते ही रहते हैं तो आपके लिए ये चिंता का विषय हो सकता है.  भूख कई प्रकार की होती है. एक सेहतमंद जीवन जीने के लिए सभी को अपनी भूख के प्रकार की जानकारी रखनी जरूरी है. हम आपको 9 प्रकार की भूख के बारे में बता रहे हैं. आइए जानते हैं आपको इनमें से सबसे ज्यादा भूख कौन सी लगती है और आप इसे कैसे कंट्रोल कर सकते हैं.

पेट की भूख- ये सबसे ज्यादा सामान्य और महत्‍वपूर्ण प्रकार की भूख है. इसमें अगर आपको भूख का एहसास नहीं भी होता है तो आपकी बॉडी क्लॉक समय के अनुसार आपको बताती है कि कब ब्रेकफास्ट करना है और कब लंच और डिनर करना है.

आखों की भूख- आंखों के सामने अगर बहुत ही शानदार दिखने वाला खाना या ड्रिंक मौजूद होती है तो न चाहते हुए भी हमारा ध्यान उसी की ओर आकर्षित होता है. अगर आपका ध्यान भी आपके आस-पास मौजूद खाने की तरफ जाता है तो अपने ऊपर कंट्रोल कर के आप अपनी इस आदत से बच सकते हैं.

आवाज वाली भूख- चिप्स या क्रंची चीजे खाने पर आवाज होती है. ज्यादातर लोगों को अपने आस-पास के लोगों द्वारा क्रंची चीजे खाने पर होने वाली आवाज सुनकर ही भूख लगने लगती है. इस भूख को साउंड हंगर यानी आवाज वाली भूख कहते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अपना ध्यान किसी दूसरे काम में लगाने की कोशिश करें.

खुशबु वाली भूख- भारतीय खाने में लगने वाले तड़के की सुगंध से किसी को भी भूख लग जाती है. सुगंध से लगने वाली भूख को नियंत्रण में रखना बेहद मुश्किल होता है. इसे कंट्रोल में रखने के लिए कोशिश करें कि जब भी खाना खाएं पहले उसकी अच्छे से सुगंध ले लें.

आधी रात की भूख- अगर आपको आधी रात को भूख लगती है तो आप अकेले नहीं हैं. ज्यादातर लोगों को रात 12 बजे के बाद भूख लगने लगती है, जिसमें लोग चिप्स, नूडल्स या बिस्कुट का सहारा लेते हैं. अगर आप भी आधी रात को उठकर खाते हैं, तो तली हुई चीजें खाने के बजाए कुछ हेल्दी स्नैक्स खाने की कोशिश किया करें.

बार-बार लगने वाली भूख- अक्सर आपने देखा होगा कि ज्यादातर लोग टीवी देखते समय कुछ न कुछ खाते रहते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? दरअसल, जब भी हमारा ध्यान किसी चीज पर लगा होता है तो हमारे हाथ खुद ब खुद खाने को ओर बढ़ने लगते हैं. यही कारण है कि फिल्म देखते समय या कोई किताब पढ़ते समय लोग खाते पीते रहते हैं.

इमोशनल भूख- कुछ लोगों के खाने के साथ जज्बात जुड़े होते हैं. जैसे मां के हाथ के बनाए हुए आलू के पराठें या कोई स्पेशल डिश जो आपको बेहद पसंद होती है, तो आप चाहकर भी खुद को खाने से रोक नहीं पाते हैं. इस भूख पर किसी का नियंत्रण नहीं होता है. पेट भरा होने के बावजूद भी लोग खाने से खुद को रोक नहीं पाते हैं.

तनाव के दौरान भूख-  तनाव और चिंता के कारण कुछ लोगों को ज्यादा भूख लगती है. कई स्टडी में इस बात की पुष्टि हो चुकी है. कुछ लोगों को मानना है कि तनाव में ज्यादा खाने से उन्हें अपनी परेशानी का एहसास कम होता है, जिससे वो अच्छा महसूस करते हैं. बता दें, बिना सोचे समझे खाने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. तनाव के समय में ज्यादा खाने के बजाए पानी पीएं, डार्क चॉकलेट खाएं या कॉफी पीएं.

बोर्डम भूख- इस भूख का एहसास अक्सर उस समय होता है जब आपके हाथ खाली होते हैं, आपके पास करने के लिए कोई काम नहीं होता है. इस भूख को कंट्रोल में रखने के लिए  कोई किताब पढ़ सकते हैं, या गैम खेल सकते हैं.