रेपो रेट में 40 बेसिस पॉइंट की कटौती…सभी बैंक के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद RBI ले सकता है बड़ा निर्णय…

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस किया। आज सुबह भारतीय रिजर्व बैंक ने एक ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी थी। जानिए उनके प्रेस कांफ्रेंस की बड़ी बातें…

  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि कोविड-19 से दुनिया की इकोनॉमी को बड़ा नुकसान हुआ है। अप्रैल में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 11 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। डब्ल्यूटीओ के अनुसार, दुनिया में कारोबार इस साल 13-32 फीसद तक घट सकता है।
  • RBI ने कहा कि देश में मांग में भारी गिरावट देखी जा रही है। बिजली, पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स की खपत में कमी आई है। निजी खपत में भी खासी गिरावट आई है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि 15,000 करोड़ रुपये का क्रेडिट लाइन एग्जिम बैंक को दिया जाएगा। साथ ही सिडबी को दी गई रकम का इस्तेमाल आगे और 90 दिनों तक करने की इजाजत दी गई है।
  • दास ने कहा कि वित्‍तीय, मौद्रिक और प्रशासनिक एक्‍शंस से वित्‍त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में अर्थव्‍यवस्‍था के सुधार की परिस्थितियां बनेंगी।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि खरीफ की बुवाई में 44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में दालों में महंगाई चिंता की बात रहेगी।
  • RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि एक्‍सपोर्ट क्रेडिट की अवधि 12 महीने से बढ़ाकर 15 महीने कर दी गई है।
  • आर्थिक गतिविधियों में कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद सुस्‍ती आई है जिससे सरकार का राजस्‍व प्रभावित हुआ है। रेपो रेट में कटौती के बाद 10 साल वाले सरकारी बॉन्‍ड की यील्‍ड में 0.15 फीसद की कमी आई है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि बैंकों कि ग्रुप एक्सपोजर सीमा को 30 फीसद से बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
  • EMI चुकाने वाले ग्राहकों को आरबीआई ने दी बड़ी राहत। लोन मोरैटोरियम की अवधि 3 और महीने के लिए बढ़ी। अब 31 अगस्‍त तक उठा सकेंगे लोन मोरैटोरियम का लाभ।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 अरब डॉलर बढ़ा है।
  • आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पॉलिसी लेवल पर बैंक जरूरत के अनुसार फैसले लेते रहेगा।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि मोरेटोरियम की समय सीमा बढ़ाकर छह महीने कर दी गई है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि 3 से 5 जून को एमपीसी की बैठक होनी थी। उन्होंने बताया कि ग्राहकों को दरों में कटौती का फायदा मिलने में तेजी आई है
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि एमसीपी के अनुसार दूसरी छमाही में महंगाई में कमी का अनुमान है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि मांग में कमी के कारण निवेश में भी भारी कमी आई है। उन्होंने बताया कि अप्रैल में मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 60 फीसद गिरा है ।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि साल  2021की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ नेगेटिव रह सकती है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021 दूसरी तिमाही में सुधार आ सकता है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि अप्रैल में खाद्य महंगाई दर में तेज उछाल आया है। यह 8.6 फीसद रही है।
  • मौद्रिक नीति समिति का मानना है कि महंगाई का परिदृश्‍य मौजूदा समय में अनिश्चित है। दास ने कहा कि मार्च में औद्योगिक उत्‍पादन 17 फीसद घटा है। अप्रैल में सर्विसेज पीएमआई अबतक के निचले स्‍तर पर रहा है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि कोविड-19 से निजी खपत को काफी बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालातों में एग्रीकल्चर से उम्मीदें हैं। फॉरेन रिजर्व 487 बिलियन डॉलर है।
  • शक्तिकांत दास ने कहा कि निवेश की मांग लगभग थम गई है। उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस का सबसे बड़ा असर निजी खपत पर पड़ेगा।
  • दास ने कहा, ग्‍लोबल सर्विसेज पीएमआई में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई है। वैश्विक कारोबार के मूल्‍य में इस वर्ष 13-32 फीसद की कमी आ सकती है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया उपभोक्ता  उत्पादों की मांग में मार्च महीने 33 फीसद की गिरावट आई है। 
  • उन्होंने बताया कि मैन्युफक्चरिंग पीएमआई अप्रैल महीने में 27.4 फीसद रही है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि सर्विसेज पीएमआई अप्रैल महीने में 5.4 फीसद रही है।
  • आरबीआई गवर्नर ने बताया कि एमसीपी के 6 में से 5 सदस्य रेपो रेट घटाने के लिए सहमत हुए हैं।
  • रिवर्स रेपो रेट को भारतीय रिजर्व बैंक ने 3.75 फीसद से घटा कर 3.35 फीसद किया।
  • आरबीआई गवर्नर ने कहा कि ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट आई है।
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में की 0.40 फीसद की कटौती। लोन की ईएमआई का बोझ होगा कम।
  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोनो वायरस के कारण ग्लोबल इकोनॉमी पर बड़ा असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि एमपीसी पॉलिसी रेपो रेट में 0.40 फीसद की कटौती पर सहमत हुई है।
  • मार्च में आरबीआई ने कर्ज लेने वाले लोगों, कर्जदाताओं और अन्‍य इकाइयों जैसे म्‍युचुअल फंडों के लिए कई सकारात्मक कदमों की घोषणाएं की थीं। इसके साथ ही वादा भी किया था कि आने वाली परिस्थितियों के लिए केंद्रीय बैंक और जरूरी कदम उठाएगा। 
  • इस साल फरवरी की मौद्रिक नीति की बैठक के बाद से आरबीआई ने जीडीपी के 3.2 फीसद के बराबर फंड अर्थव्‍यवस्‍था में डाला है ताकि लिक्विडिटी से जुड़ी परिस्थितियों को आसान बनाया जा सके।