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पीएम केयर्स फंड से 31 सौ करोड़ जारी, प्रवासी मजदूरों पर खर्च होंगे 1 हजार करोड़

Janta se Rishta
14 May 2020 8:23 AM GMT
पीएम केयर्स फंड से 31 सौ करोड़ जारी, प्रवासी मजदूरों पर खर्च होंगे 1 हजार करोड़
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राहत की दूसरी खुराक, आज किसानों के लिए सौगातों का ऐलान करेंगी वित्तमंत्री

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज शाम 4 बजे फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। वह 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज से जुड़ी बाकी डिटेल को बताएंगी। कल बुधवार को वित्तमंत्री ने छोटे उद्योगों-कारोबारियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया। मोटेतौर पर कोरोना संकट से उभरने के लिए आर्थिक पैकेज के तौर पर कल सरकार ने 6 लाख करोड़ की राहत का ऐलान किया है। अनुमान है कि लगभग 8 लाख करोड़ की राहत का ऐलान अभी और होना है। बताया जा रहा है कि वित्त मंत्री आज कृषि सेक्टर और उससे जुड़ी गतिविधियों को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती हैं। इसके साथ ही सप्लाई चैन को दुरुस्त करने के लिए मोदी सरकार की ओर से बड़ी राहत दी जा सकती है। गौरतलब है कि कल देर रात पीएमओ की ओर से कहा गया है कि पीएम केयर्स फंड से कोरोना से जंग के लिए 3100 करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे। इस राशि से 2000 करोड़ से वेंटीलेटर खरीदे जाएंगे जबकि 1000 करोड़ प्रवासी मजदूरों के कल्याण पर खर्च किए जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि इस मद में निर्धारित 3100 करोड़ में शेष 100 करोड़ की राशि कोरोना वैक्सीन विकसित करने पर खर्च की जाएगी।

दरअसल, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया था। बुधवार को उसकी पहली किस्त का ब्योरा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया। इसमें छोटे उद्योगों में काम करने वालों पर राहत बरसाई गई है। आज राहत पैकेज के दूसरे किस्त की जानकारी निर्मला सीतारमण देंगी।

कल एमएसएमई सेक्टर को मिली थी राहत : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को राहत पैकेज की पहली किस्त का ब्यौरा जनता के सामने रखा था। सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग से जुड़े लोगों को राहत देने की कोशिश की। इस सेक्टर को तीन लाख करोड़ रुपये का कोलेटरल फ्री लोन दिया जाएगा। इसके लिए काउंटर गारंटी या कोई संपत्ति दिखाने की जरूरत नहीं रहेगी।
अगस्त तक हर किसी की बढ़कर आएगी सैलरी: ये लोन 25 करोड़ रुपये तक के होंगे। इनमें 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली कंपनियों को फायदा होगा। चार साल के लिए ये लोन होगा और एक साल के लिए मोराटोरियम है यानी एक साल तक इसके किस्त आपको नहीं चुकाने हैं। 31 अक्टूबर 2020 तक इस पर कोई गारंटी फीस नहीं लगेगी। 45 लाख उद्यमियों को इससे लाभ होगा।
बदली गई एमएसएमई की परिभाषा : इसके साथ ही एमएसएमई की परिभाषा भी सरकार ने बदल दी है ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्योगों और उनमें काम करने वालों को फायदा मिले। अब एक करोड़ रुपये तक निवेश करके पांच करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले उद्योग सूक्ष्म में आएंगे। 10 करोड़ तक का निवेश करके पचास करोड़ तक कमाने वाली कंपनियां लघु उद्योग में आएंगी।
20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में किसे क्या मिला? : 20 करोड़ का निवेश करके 100 करोड़ तक का कारोबार करने वाली कंपनियां मध्यम उद्योग में आएंगी। साथ ही सरकार ने फैसला किया कि अब दो सौ करोड़ रुपये के लिए ग्लोबल टेंडर की इजाजत नहीं लेनी होगी। सरकार का कहना है कि वो दूरगामी नतीजों वाले कदम उठा रही है।
प्रवासी मजदूरों को राहत : प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को लेकर तेज हो रही राजनीति के बीच सरकार ने पीएम केयर्स फंड से उनके आवागमन, खानपान, चिकित्सा जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्यों को दिया गया यह फंड जिलाधिकारी और निगम आयुक्त के अधीन रहेगा। राज्यों में सरकारी की तरफ से चलाए जा रहे कोविड स्पेशल हॉस्पिटल में भारत में निर्मित 50 हजार वेंटिलेटर की आपूर्ति के लिए भी दो हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। जबकि वैक्सीन के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वैक्सीन विकास के लिए जारी फंड का उपयोग प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार की निगरानी में होगा।
पहले लॉकडाउन के काल से अब तक प्रवासियों का मुद्दा बहुत गरमाया हुआ है। उनके लिए ट्रेन का इंतजाम हुआ तो भी विवाद खड़ा हुआ और राजनीति गरमाई। प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ के पैकेज का एलान किया तो भी विपक्षी दलों की ओर से प्रवासियों का मुद्दा उठा। ऐसे में पैकेज की पहली किस्त की घोषणा के साथ ही पीएम केयर्स फंड से सरकार ने प्रवासियों के लिए 1000 करोड़ का इंतजाम कर विवाद को थामने की कोशिश की है।

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