कोरोना से गांव की रक्षा करने के लिए 16 साल की लड़की ने उठाया खौफनाक कदम, इस खबर को पढ़ते ही काप उठेगी आपकी रूह

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से आस्था और अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कोरोना वायरस से गांव की रक्षा करने के लिए एक 16 साल की लड़की ने अपनी जीभ काट कर शिव मंदिर में चढ़ा दी.

दरअसल, यह पूरा मामला बदौसा थाना क्षेत्र के भदावल गांव का है, जहां एक 16 साल की लड़की ने गांव के पास बने एक शिव मंदिर में जाकर अपनी जीभ काटकर उसकी बलि चढ़ा दी. जीभ काटने के बाद लड़की मंदिर में ही बेहोश हो गई. उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर है. फिलहाल डॉक्टरों ने उसे जरूरी इलाज और दवाएं दी हैं.

गांव को कोरोना से बचाने के लिए लड़की ने जीभ काटकर मंदिर में चढ़ाई

लड़की ने खुद ही बताया कि उसने कुछ दिन पहले कोरोना से गांव की रक्षा के लिए शिव भगवान से ऐसी मन्नत मांगी थी. लड़की ने बताया कि वह कई दिनों से कोरोना की डरावनी खबरें सुन रही थी, उसके मन में कई दिनों से यह बातें चल रही थीं. उसने गांव की कोरोना से रक्षा करने की मन्नत मांगी.

गांव को कोरोना से बचाने के लिए लड़की ने जीभ काटकर मंदिर में चढ़ाई

इसके बाद ब्लेड की व्यवस्था कर वह बागै नदी के किनारे वाले शिव मंदिर में गई और वहां अपनी जीभ काट ली. आसपास और परिवार के लोग इस घटना से हैरान हैं. गांव के ही स्कूल में लड़की के साथ पढ़ने वाली उसकी सहेली ने बताया कि वह कई दिनों से कह रही थी कि कोरोना से गांव को बचाने के लिए कुछ करना पड़ेगा, लेकिन मैंने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया था.

गांव को कोरोना से बचाने के लिए लड़की ने जीभ काटकर मंदिर में चढ़ाई

लड़की के माता पिता का कहना है कि वह कोरोना महामारी को लेकर चिंतित रहती थी लेकिन उसकी बातों या हरकतों से ऐसा नहीं लगा कि इतना बड़ा कदम उठा लेगी.

इस मामले में बांदा के जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल का भी बयान सामने आया है. उनका कहना है कि लड़की ने अपनी आस्था की वजह से ऐसा किया है, उसे किसी ने इसके लिए मजबूर नहीं किया है. इस संबंध में उसे चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई है और अगर जरूरत पड़ी तो उसकी काउंसिलिंग भी की जाएगी.