155 स्कुलों के लिए मिला 86 लाख का अनुदान, 15 दिन में खर्च नहीं कर सके तो राशि लैप्स

जनता से रिश्ता वेबडेस्क
बेेमेतरा। वित्तीय वर्ष एवं शैक्षिक सत्र का समापन करीब है। राज्य परियोजना कार्यालय ने सत्र में हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों के लिए अनुदान राशि जारी की है। यह राशि बच्चों की दर्ज संख्या के अनुसार जारी की गई है। 9वीं से लेकर 12वीं के लिए हो रही परीक्षा के दौरान राशि जारी होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। वर्षभर स्कूल संचालन के बाद राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन कार्यालय ने अब जाकर स्कूलों की सुध ली है। राज्य परियोजना कार्यालय के पत्र के अनुसार प्रदेश के 27 जिले के 4403 स्कूलों के लिए 21 करोड़ 82 लाख रुपए जारी किए गए हैं। जिसमें बेमेतरा जिले के 155 स्कूलों के लिए 86 लाख जारी किया गया है।
दर्ज संख्या के अनुसार तय
किया गया है अनुदान
राज्यभर में शाला अनुदान जारी करने के लिए बच्चों की दर्ज संख्या को आधार बनाया गया है, जिसमें पंाच स्तर तय किए गए हैं। प्रथम में ऐसेे स्कूल जहां पर एक से 15 विद्यार्थी हैं, उन स्कूलों को 12500 रुपए, दूसरे स्तर के स्कूल में 16 से 100 विद्यार्थी होने पर 25 हजार रुपए, तृतीय स्तर के स्कूल में 101 से 250 विद्यार्थी है, वहां 50 हजार का अनुदान और जहां पर 251 से 1 हजार विद्यार्थी हैं, वहां पर 75 हजार का अनुदान जारी किया गया है। इसके आलावा एक हजार से अधिक दर्ज संख्या वाले स्कूलों को एक लाख का अनुदान जारी किया गया है। जिले में 16 से 100 दर्ज संख्या वाले 6 स्कूलों को 90 हजार, 101 से 250 दर्ज संख्या वाले 48 स्कूलों मे 19 लाख 20 हजार,251 से 1000 दर्ज संख्या के दायरे में आने वाले 100 स्कुलों को 65 लाख जारी किया गया है। इसके आलावा एक स्कूल जहां पर एक हजार से अधिक दर्ज संख्या है वहां पर 90 हजार जारी किया गया है। जिले के कुल 155 स्कूलों में 86 लाख जारी किया गया है।
इन मदों पर खर्च की जाएगी राशि
कार्यालय के दिशा-निर्देश के अनुसार अनुदान की राशि शाला समिति की बैठक लेकर अनुमोदन के बाद प्राथमिकता तय कर उन्हीं मदों पर राशि खर्च की जानी है। जिन मदों पर खर्च किया जाना है, उनमें मदों में स्कूल में प्रोजेक्टर सिस्टम लगाने, समाचार पत्र-पत्रिका, संचालन के लिए खर्च, स्कूल संचालन के लिए जरूरी स्टेशनरी, बिजली बिल भुगतान बागवानी, चारदीवारी, वाद्य यंत्र, उपयोगी समानों, रंगरेागन, कक्षों का सुधार, व्हाइट बोर्ड पेन व कमरों का रंगरोगन, स्वच्छता, फस्र्ट एड बॉक्स, झाड़ू, आइना-कंघी, सोकपीट निर्माण प्राकृतिक खाद बनाने, प्रसाधन कक्षों में रनिंग वाटर की सुविधा, फिनाइल मग, बाल्टी, साबुन, प्रांगण की देखरेख आदि पर खर्च करना है। भवन के क्रेक, बिजली के तार, पानी टंकी के रखरखाव एवं सफाई पर खर्च करना है। जारी किए गए फंड से सामग्री खरीदने के बाद भौतिक सत्यापन कराने के बाद 31 मार्च तक पूर्ण रूप से राशि खर्च कर हर हाल में उपयोगिता प्रमाण पत्र को निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत किया जाना है।
23 तक परीक्षा होगी फिर मूल्यांकन कार्य
फंड जारी किया जाना पहले ही सावालों के घेरे में है। सत्र प्रारंभ होने के बाद स्कूलों का संचालन अभावों के बीच किया गया, जिसके बाद जैसे-तैसे संचालन जारी रहा है। अब 9वी व 11वीं परीक्षा 23 मार्च तक होना है। 10वीं व 12वीं की परीक्षा जारी है। ऐसे में कमरों व कक्षों की मरम्मत व रंग रोगन कराने के लिए फंड जारी किया जा रहा है। बताना होगा कि जिले के 30 फीसदी स्कूलो को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है, जहां पर बोर्ड परीक्षा ली जा रही है। इसके आलावा 25 मार्च तक बोर्ड परीक्षा के बाद मूल्यांकन कार्य किया जाना है।
साथ निर्वाचन कार्य के लिए शिक्षकों की ड्यूटी तय होने के बाद प्रशिक्षण की ड्यूटी तय होने के बाद प्रशिक्षण दिया जाना है, ऐसे में आनन फानन में वित्तीय वर्ष में फंड की राशि लेप्स होने के भय से राशि जारी कर खर्च का आदेश जारी किया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here