हो सकती हैं ये बीमारियां खड़े होकर पानी पीने से

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-  इस्लाम में पानी खड़े हो कर पीने के लिए मना किया गया है. साफ हुक्म है कि, पानी तीन सांस में पिए यानी पानी मुंह में जाने के बाद गिलास या बर्तन मुंह से दूर कर ले और मुंह कि हवा बाहर निकलने दे. जिसमे बोतल या गिलास मुंह के ऊपर कर धार बना कर पीना तो हराम है.

अगर आप पानी गलत तरीके से पीते हैं तो ये आपके सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. ज्यादातर लोग खड़े होकर ही पानी पीने लगते हैं लेकिन पानी पीने का यह तरीका सेहत के लिए सही नहीं है.

आयुर्वेद में भी पानी पीने के कई नियम बताए गए हैं। इन्हीं में से एक नियम है बैठकर पानी पीना। अगर हम खड़े होकर पानी पीते हैं तो इससे कई तरह की बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है।

इसका हमारे बॉडी के कई पार्ट्स पर भी बुरा असर पड़ता है। इन सारी प्रॉब्लम्स से बचने के लिए बेहतर ऑप्शन यही है कि पानी को बैठकर पिया जाए। आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. गोविंद पारिक बता रहे हैं खड़े होकर पानी पीने के नुकसान।

जब हम खड़े होकर पानी पीते हैं तो ऐसे में पानी बिना छने ही किडनी से बाहर निकलने लगता है। इसके कारण किडनी में इन्फेक्शन या किडनी खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।

खड़े होकर पानी पीने से बॉड़ी में लिक्विड पदार्थ का बैलेंस बिगड़ने लगता है। ऐसे में जोड़ों को पर्याप्त लिक्विड नहीं मिल पाता है जिससे गठिया की प्रॉब्लम हो सकती है।

खड़े होकर पानी पीने से खाने का डाइजेशन ठीक तरीके से नहीं हो पाता है। ऐसे में ये खाना कोलेस्ट्रॉल में बदलने लगता है जो हार्ट डिजीज की आशंका बढ़ा सकता है।

खड़े होकर पानी पीने से एसोफेगस नली के निचले हिस्से पर बुरा असर पड़ने लगता है। ऐसे में अल्सर की प्रॉब्लम का खतरा बढ़ सकता है।

खड़े होकर पानी पीने से खाना ठीक तरीके से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है। ऐसे में इनडाइजेशन की प्रॉब्लम बढ़ जाती है।