सुशील कुमार ने कहा – ‘कमजोरियों पर काम कर रहा हूं, बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा’

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- मुंबई, एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता से जल्दी बाहर होने वाले दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं और इसके लिए अपनी कमजोरियों पर काम कर रहे हैं। सुशील ने बुधवार को यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘मैं आपको अभी नहीं बताऊंगा (कि मैंने एशियाई खेलों से क्या सीखा)। हमारे कोच और गुरू हमारी कमजोरियों को देखते हैं। और मेरे अंदर जो कमजोरियां हैं- मैं आपके सामने इनका खुलासा कैसे कर दूं, आप नहीं समझोगे। मेरे गुरू सतपाल जी ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है और में बेहतर करने का प्रयास करूंगा।’’ ओलंपिक 2008 और 2012 में क्रमश: कांस्य और रजत पदक जीतने वाले 35 साल के सुशील के अनुसार अगर भारतीय पहलवानों को खेलने का अधिक मौका मिलता है तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक पहलवान का अलग नजरिया होता है। कुछ पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक अनुभव चाहते हैं। कुछ ऐसे पहलवान हैं जो स्वदेश में मजबूत होते हैं लेकिन बाहर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। सबका अलग नजरिया होता है।’’ सुशील ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मुझे जितना बाहर खेलने का मौका मिलेगा मैं उतना बेहतर कर सकता हूं। इसकी शुरुआत हो चुकी है और टाटा मोटर्स हमारे साथ जुड़ा है। उन्होंने प्रत्येक सुविधा मुहैया कराने की प्रतिबद्धता जताई है।’’ सुशील ने बताया कि कैसे 2012 ओलंपिक में जब वह ध्वजवाहक थे तो एक पत्रकार ने उन्हें कहा था कि ध्वजवाहक दोबारा पदक जीतने में सफल नहीं रहता लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत के बाद 2008 के कांस्य पदक को बेहतर करते हुए स्वर्ण पदक जीता।

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