सीताराम येचुरी: चुनाव परिणाम के बाद ही होगा गठबंधन

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने इतिहास के उदाहरण के साथ कहा कि देश में चुनाव परिणाम के बाद ही गठबंधन हुए हैं।वर्ष 1998 में एनडीए की सरकार में वाजपेयी प्रधानमंत्री बने,2004 में यूपीए ने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री चुना। 2019 में भी ऐसे ही परिणाम के बाद गठबंधन होगा। मोदी के विकल्प का सवाल बेबुनियादी है। कौन जानता था मनमोहन दस साल प्रधानमंत्री रहेंगे। येचुरी शनिवार को मेनरोड स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।सीताराम येचुरी ने केंद्र में भाजपा की सरकार पर निशाना साधते हुए सीएमआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि नोटबंदी से देश में आजादी के बाद पहली बार एक साथ एक सौ दस लाख युवाओं की नौकरी गई। जबकि भाजपा ने दस करोड़ नौकरी का वादा किया गया था उन्होंने कहा कि भाजपा संवैधानिक व्यवस्था को ध्वस्त कर रही है। सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण को जुमला बताते हुए एक दिन में किए गए संविधान संशोधन पर सवाल खड़े किए। कहा कि मंडल कमीशन को आरक्षण की रूपरेखा बनाने में दस वर्ष लगे थे। इस सरकार में देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं चुनाव आयोग,सीबीआई,आरबीआई आदि पर प्रश्न चिह्न खड़े हुए हैं।भाकपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि आलोक वर्मा रहते तो भ्रष्टाचार के बहुत से घोटाले उजागर होते। राफेल की जांच होती और भाजपा सरकार और मोदी की पोल खुल जाती। लेकिन मोदी ने ऐसा होने नहीं दिया। लोकतांत्रित व्यवस्था में आलोचना के स्वर को दबा दिया गया है।

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