सिर्फ 124 रुपए के लिए लड़कियां वेश्या बनने को मजबूर, यहां नर्क से भी बुरी है जिंदगी है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- नई दिल्ली। भारत में भले ही देह व्यापार को कानूनी मान्यता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भारत में एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया चलता है। रोज यहां लड़कियां लाई जाती हैं और इस नर्क में जिंदगी भर उन्हें सड़ने के लिए यहां छोड़ दिया जाता है।
दिनों दिन यह कारोबार थमने की जगह बढ़ता ही जा रहा है। कोलकाता का सोनागाछी एक ऐसा इलाका है जहां पैदा होने वाली लड़कियां मर्दों के साथ रात गुजारने को मजबूर हैं।

सोनागाछी एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया बताया जाता है लेकिन ये बात कम ही लोग जानते होंगे कि किसी जमाने में ये जगह सिर्फ नाच-गाने के लिए मशहूर हुआ करती थी और लोग अपना मनोरंजन करने यहां आते थे।

वक्त के साथ इस जगह का रूप भी पूरी तरह से बदल गया है। आज इस जगह कई गैंग देह-व्यापार का धंधा चला रहे हैं। इस जगह 18 साल से कम उम्र की करीब 14 हजार लड़कियां सेक्स व्यापार में शामिल हैं।
लेकिन यहां पैदा होने वाली बच्चियों की जिंदगी शुरुआत से ही नर्क होती है। यहां पैदा होने वाली बच्चियों को छोटी उम्र में ही जिस्म की इस मंडी में बेच दिया जाता है या फिर उन्हें कम उम्र में ही देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया जाता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां 12 से 17 साल की लड़कियां मर्दों के साथ सोने को मजबूर होती हैं। उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन्हें किसी मर्द के साथ सोने के 124 रुपए मिलते हैं। दूसरी बड़ी हकीकत यह है कि यहां कोई भी फोटोग्राफर या पत्रकार पैर नहीं रख सकता।

कोलकाता के इस रेडलाइट एरिया पर Born Into Brothels नाम की फिल्म भी बन चुकी है, जिसे ऑस्कर सम्मान भी मिला है। इस फिल्म में भी इन बदनाम गलियों की सच्चाई को दिखाया गया है। इन तस्वीरों को सौविद दत्ता ने अपने कैमरे में कैद किया है, जिसे The Price of a Child नाम दिया गया है।