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सतलुज-यमुना लिंक मामला : मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा- पानी साझा करने की बात कही तो जल जाएगा पंजाब...

Janta se Rishta
18 Aug 2020 2:50 PM GMT
सतलुज-यमुना लिंक मामला : मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा- पानी साझा करने की बात कही तो जल जाएगा पंजाब...
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जनता से रिश्ता वेबडेस्क, चंडीगढ़ । पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Punjab's CM Captain Amarinder Singh) ने सतलुज-यमुना लिंक (Sutlej-Yamuna Link) का मंगलवार को विरोध करते हुए चेतावनी दी कि अगर हरियाणा (Haryana) के साथ पानी साझा करने की बात कही तो "पंजाब (Punjab) जल जाएगा." सिंह ने हरियाणा के अपने समकक्ष मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Jal Shakti Minister Gajendra Singh Shekhawat) के साथ एक बैठक में कहा कि सतलुज- यमुना लिंक एक भावनात्मक मुद्दा है और इससे देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है.

ये बैठक सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर हुई थी जिसमें पिछले महीने दो मुख्यमंत्रियों से सतलुज-यमुना लिंक नहर के पूरा होने पर चर्चा की गई थी, जो कई दशकों से पाइपलाइन में है. पंजाब का कहना है कि वह हरियाणा और राजस्थान के साथ पानी साझा करने के लिए अनिच्छुक है और उसके पास फालतू पानी नहीं है.

पंजाब सरकार के एक बयान के अनुसार, अमरिंदर सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शेखावत से कहा, "आपको राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से इस मुद्दे को देखना होगा. "यदि आप सतलुज-यमुना लिंक के साथ आगे बढ़ने का फैसला करते हैं, तो पंजाब जल जाएगा और यह एक राष्ट्रीय समस्या बन जाएगी, जिसका हरियाणा और राजस्थान पर भी असर पड़ेगा."

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खट्टर और शेखावत दिल्ली से बैठक में शामिल हुए. खट्टर ने बाद में कहा कि इस मुद्दे पर दोनों मुख्यमंत्री फिर से मिलेंगे. बता दें सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को साथ बैठकर हल निकालने के निर्देश दिए थे. अदालत ने दोनों पक्षों को इसके लिए तीन हफ्ते का समय दिया था.

क्या है विवाद
हरियाणा 1 नंवबर 1966 को पंजाब से अलग हुआ है. राज्यों के बंटवारे के समय पानी का बंटवारा नहीं हो सका था. इसके कुछ सालों के बाद केंद्र ने हरियाणा को 3.5 एमएएफ पानी आवंटित किया जिसे लाने के लिए 212 किमी लंबी सतलुज यमुना लिंक नहर बनाने का फैसला हुआ था. हरियाणा ने इसके लिए अपने हिस्से की 91 किमी नहर का निर्माण पूरा कर लिया है, लेकिन पंजाब इसके लिए विरोध जता रहा है.

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