सड़कों के किनारे बैनर में सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और तमिलनाडु सरकार को नोटिस

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने समूचे तमिलनाडु में सड़कों के किनारे डिजिटल बैनर लगाने से राजनीतिक दलों को रोकने की मांग करने वाली एक याचिका पर शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया.प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की खंडपीठ ने परमार्थ संगठन ‘इन डिफेंस ऑफ एनवायरोनमेंट एंड एनीमल्स’ की याचिका पर छह हफ्ते के अंदर जवाब मांगा. पीठ ने यह भी पूछा कि क्यों न इस याचिका को खुला रखा जाए, ताकि मद्रास उच्च न्यायालय इस मामले में घटनाक्रम की निगरानी कर सके. याचिका में निजी पक्षों को पहाड़ों, छोटी पहाड़ियों, सार्वजनिक स्थलों के पेड़ों, राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्गों जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर धार्मिक प्रतीकों, राजनीतिक भित्तचित्रण, और इश्तहारों से होने वाले अतिक्रमण को रोकने की मांग की गयी है. गौरतल है कि गत 19 दिसंबर को मद्रास उच्च न्यायालय ने राजनीतिक दलों को सड़कों के किनारे तब तक डिजिटल बैनर नहीं लगाने का अंतरिम आदेश जारी किया था जब तक कि राज्य सरकार एवं स्थानीय निकाय इस बारे में स्पष्ट शपथपत्र नहीं दे देते हैं कि नियमों और अदालत के आदेशों को सख्ती से लागू किया जाएगा और कोई उल्लंघन नहीं होगा.

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